पटना | 5 जुलाई 2026

चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर अब पहली बार खुद चुनावी मैदान में उतरने जा रहे हैं। जन सुराज पार्टी ने उन्हें बिहार की प्रतिष्ठित बांकीपुर विधानसभा सीट से उपचुनाव का उम्मीदवार घोषित किया है। राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने और जन सुराज अभियान शुरू करने के लगभग तीन वर्ष बाद प्रशांत किशोर ने अब प्रत्यक्ष चुनाव लड़ने का फैसला किया है। उनके चुनाव लड़ने की घोषणा के साथ ही बिहार की राजनीति में नई हलचल तेज हो गई है।

उम्मीदवार घोषित होने पर कार्यकर्ताओं का जताया आभार

उम्मीदवारी की घोषणा के बाद प्रशांत किशोर ने पार्टी नेतृत्व और कार्यकर्ताओं का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि उनकी पूरी जिंदगी बिहार की जनता और जन सुराज के उद्देश्य को समर्पित है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन पर जो भरोसा जताया है, वह उसे पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाएंगे। साथ ही उन्होंने बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं का भी आभार व्यक्त किया और जनता का विश्वास जीतने का संकल्प दोहराया।

30 जुलाई को होगा मतदान, 3 अगस्त को आएंगे नतीजे

बांकीपुर विधानसभा सीट भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद रिक्त हुई है। इस सीट पर 30 जुलाई 2026 को मतदान कराया जाएगा, जबकि मतगणना 3 अगस्त को होगी।

चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 6 जुलाई को अधिसूचना जारी होगी। उम्मीदवार 13 जुलाई तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे, जबकि 16 जुलाई तक नाम वापस लेने की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है।

भाजपा का मजबूत गढ़ रही है बांकीपुर सीट

बांकीपुर विधानसभा सीट लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाती है। परिसीमन से पहले इस सीट को पटना पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के नाम से जाना जाता था। वर्ष 1995 से लगातार इस सीट पर भाजपा का कब्जा रहा है।

2025 के विधानसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार नितिन नवीन ने लगभग 62.66 प्रतिशत मत प्राप्त कर शानदार जीत दर्ज की थी। ऐसे में यह उपचुनाव जन सुराज के लिए बड़ी राजनीतिक चुनौती माना जा रहा है।

जातीय समीकरण भी होंगे निर्णायक

बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में जातीय समीकरण चुनावी परिणाम तय करने में अहम भूमिका निभाते रहे हैं। यहां सबसे अधिक लगभग 70 हजार कायस्थ मतदाता हैं। इसके अलावा करीब 60 हजार वैश्य-बनिया, लगभग 45 हजार ब्राह्मण और भूमिहार तथा करीब 30 हजार राजपूत मतदाता चुनावी गणित को प्रभावित करते हैं। यही कारण है कि सभी राजनीतिक दल इस सीट को प्रतिष्ठा की लड़ाई मानकर पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में हैं।

बिहार की राजनीति में बढ़ेगी चुनावी सरगर्मी

प्रशांत किशोर के चुनावी मैदान में उतरने से बांकीपुर उपचुनाव अब सिर्फ एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं रह गया है, बल्कि इसे बिहार की भविष्य की राजनीति और जन सुराज की राजनीतिक ताकत की पहली बड़ी परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। इस मुकाबले में भाजपा अपनी परंपरागत सीट बचाने की कोशिश करेगी, जबकि जन सुराज पहली बार चुनावी राजनीति में अपनी वास्तविक ताकत दिखाने का प्रयास करेगा। ऐसे में 30 जुलाई का मतदान और 3 अगस्त का परिणाम पूरे राज्य की राजनीतिक दिशा तय करने वाले महत्वपूर्ण घटनाक्रमों में शामिल माना जा रहा है।