कैमूर | 6 जुलाई 2026

बिहार के धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाई देने के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वाकांक्षी पहल शुरू की है। कैमूर जिले के विश्व प्रसिद्ध मां मुंडेश्वरी धाम तक अब श्रद्धालु हेलीकॉप्टर के माध्यम से पहुंच सकेंगे। मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना के तहत 15 जुलाई 2026 से इस सेवा की शुरुआत की तैयारी तेज कर दी गई है। इस योजना से श्रद्धालुओं की यात्रा आसान होगी और कैमूर जिले में धार्मिक, प्राकृतिक तथा एडवेंचर टूरिज्म को नई पहचान मिलेगी।

हेलीपैड के लिए तीन स्थानों की पहचान

मुंडेश्वरी धाम परिसर में हेलीपैड निर्माण के लिए जिला प्रशासन ने तीन संभावित स्थलों की पहचान की है। इनमें मुंडेश्वरी धर्मशाला परिसर, मुंडेश्वरी गेस्ट हाउस परिसर और मुंडेश्वरी पावरग्रिड के समीप स्थित भूमि शामिल हैं। अब तकनीकी विशेषज्ञों की टीम इन स्थानों का निरीक्षण करेगी। सुरक्षा और तकनीकी मानकों पर खरा उतरने वाले स्थान का चयन होने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।

कुछ मिनटों में पहुंचेगा सफर, मिलेगा हवाई नजारा

हेलीकॉप्टर सेवा शुरू होने के बाद श्रद्धालु कुछ ही मिनटों में पहाड़ी पर स्थित मां मुंडेश्वरी धाम पहुंच सकेंगे। इसके साथ ही पर्यटकों को कैमूर की पर्वत श्रृंखलाओं, घने जंगलों, प्राकृतिक घाटियों और प्रसिद्ध करकटगढ़ जलप्रपात का हवाई दृश्य देखने का अवसर भी मिलेगा। इससे धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ नेचर और एडवेंचर टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

बुजुर्गों और दिव्यांगों को मिलेगी बड़ी राहत

पहाड़ी पर स्थित मंदिर तक सड़क मार्ग से पहुंचने में समय और शारीरिक मेहनत दोनों लगते हैं। ऐसे में हेलीकॉप्टर सेवा बुजुर्गों, दिव्यांगों और दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत साबित होगी। नवरात्र और अन्य प्रमुख पर्वों पर बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को भी इस सुविधा का लाभ मिलेगा।

पहले चरण में छह महीने चलेगी सेवा

पर्यटन विभाग के अनुसार, हेली-टूरिज्म सेवा का पहला चरण 15 जुलाई से 15 जनवरी तक संचालित किया जाएगा। इस दौरान यात्रियों की संख्या और मांग का आकलन किया जाएगा। यदि सेवा को अच्छा प्रतिसाद मिलता है तो भविष्य में इसे बिहार के अन्य प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक भी विस्तारित किया जा सकता है।

कैमूर को मिलेगा पर्यटन हब का दर्जा

इस योजना का लाभ केवल मां मुंडेश्वरी धाम तक सीमित नहीं रहेगा। कैमूर वन क्षेत्र, करकटगढ़ जलप्रपात, पहाड़ी घाटियां और जिले के अन्य प्राकृतिक पर्यटन स्थल भी इस परियोजना से नई पहचान हासिल करेंगे। हेलीकॉप्टर से इन स्थलों का विहंगम दृश्य पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगा।

तकनीकी रिपोर्ट के बाद शुरू होगा निर्माण

भवन प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता आशुतोष प्रताप सिंह ने बताया कि हेलीपैड निर्माण के लिए चिन्हित तीनों स्थलों का विशेषज्ञों द्वारा निरीक्षण किया जाएगा। तकनीकी रिपोर्ट मिलने के बाद अंतिम स्थान का चयन कर निर्माण कार्य शुरू होगा। राज्य सरकार का लक्ष्य आधुनिक परिवहन सुविधाओं के माध्यम से बिहार के धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाना है।