पटना के लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प सभागार’ में जल संसाधन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की। इस दौरान राज्य के जल संसाधन, गंगा तट विकास, पर्यटन और बुनियादी ढांचे से जुड़ी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए—

जेपी गंगा पथ पर एक लाख पौधारोपण का लक्ष्य तेजी से पूरा किया जाए।
पाटलिपुत्र की प्राचीन गौरवगाथा और ऐतिहासिक पहचान को पुनर्स्थापित करने हेतु विशेष कार्ययोजना बनाई जाए।
गंगा तट क्षेत्र के कुर्जी घाट से काली घाट तक समग्र विकास योजना तैयार की जाए।
राज्य के सभी पर्यटन स्थलों का समग्र विकास सुनिश्चित किया जाए।
पर्यटन स्थलों की जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि देश-विदेश के पर्यटक आकर्षित हों।
सभी योजनाओं पर समयबद्ध और तेज गति से कार्य सुनिश्चित किया जाए।
परियोजना विकास पर फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि जेपी गंगा पथ को केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि पर्यटन, सांस्कृतिक गतिविधियों और मनोरंजन का प्रमुख केंद्र बनाया जाए। यह परियोजना पटना की नई पहचान बन सकती है।

PPP और DBOM मॉडल पर जोर

सिंचाई विभाग के निरीक्षण भवनों के बेहतर उपयोग के लिए PPP (Public Private Partnership) और DBOM (Design, Build, Operate and Maintain) मॉडल की संभावनाओं का आकलन करने के निर्देश दिए गए।

इन भवनों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त अतिथि गृहों में विकसित करने की योजना भी प्रस्तावित की गई।

गंगा तट विकास योजना

कुर्जी घाट से काली घाट तक गंगा तट क्षेत्र के समग्र विकास के लिए एक विस्तृत योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। इसमें शामिल होंगे—

हरित क्षेत्र का विस्तार
नागरिक सुविधाओं का विकास
पर्यटकीय अवसंरचना का निर्माण
सार्वजनिक स्थानों का सौंदर्यीकरण
पर्यटन विकास पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर अत्यंत महत्वपूर्ण है। सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों को विकसित कर उनकी सही जानकारी का प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि बिहार की विरासत वैश्विक पहचान बना सके।

बैठक में उपस्थित अधिकारी

बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें शामिल हैं—

मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार
विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह
जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चन्द्रशेखर सिंह
बुडको एमडी अनिमेष पराशर
नगर आयुक्त यशपाल मीणा
अन्य वरिष्ठ अधिकारी

मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि सभी प्रस्तावों और योजनाओं पर त्वरित कार्रवाई करते हुए विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, ताकि राज्य में तेज और समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।