पटना, 22 अगस्त 2026 : आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय पटना में बिहार के प्रथम सेंटर फॉर अर्बन पॉलिसी एंड गवर्नेस का विधिवत शुभारंभ प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद की सदस्य डॉ. शामिका रवि ने किया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री, जल शक्ति मंत्रालय डॉ. राजभूषण चौधरी, सांसद शांभवी चौधरी, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) शरद कुमार यादव समेत शिक्षक, शोधार्थी व बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे। केंद्र की स्थापना का उद्देश्य बिहार में तेजी से बढ़ते शहरीकरण, शहरी प्रशासन और विकास से जुड़ी चुनौतियों पर प्रमाण आधारित शोध को बढ़ावा देना है।

उद्घाटन समारोह में डॉ. शामिका रवि ने कुलपति प्रो. शरद कुमार यादव की पहल और दूरदृष्टि की सराहना करते हुए कहा कि शहरी नीति और शासन जैसे महत्वपूर्ण विषय पर केंद्र की स्थापना समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि देश तेजी से शहरीकरण की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में विश्वविद्यालयों की भूमिका केवल शिक्षा तक सीमित नहीं रह सकती। उच्च शिक्षण संस्थानों को समाज और शासन के सामने मौजूद वास्तविक समस्याओं पर शोध कर उनके व्यावहारिक समाधान के लिए Policy Dialogue को मजबूत करना होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह केंद्र नीति-निर्माताओं और अकादमिक जगत के बीच प्रभावी संवाद का मंच बनेगा।

कुलपति प्रो. शरद कुमार यादव ने कहा कि यह केंद्र केवल एक अकादमिक संस्थान नहीं, बल्कि शहरी भारत की बदलती जरूरतों पर Research, Dialogue और Policy Discussion के लिए समर्पित मंच है। उन्होंने कहा कि बिहार के शहर तेजी से बदल रहे हैं। इससे रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के मौके बढ़ रहे हैं, लेकिन आवास, यातायात, जलापूर्ति, स्वच्छता, पर्यावरण, सार्वजनिक स्वास्थ्य और आधारभूत संरचना जैसी चुनौतियां भी बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं का समाधान स्थानीय परिस्थितियों, उपलब्ध आंकड़ों और नागरिकों की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखकर ही संभव है। इसके लिए अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र, पर्यावरण अध्ययन, इंजीनियरिंग, प्रशासन, सार्वजनिक नीति और डेटा साइंस जैसे क्षेत्रों को जोड़ते हुए बहुविषयक शोध की जरूरत है।

केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी ने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के दौर में बेहतर आधारभूत संरचना और प्रभावी प्रशासन जरूरी है। स्वच्छता, पेयजल, परिवहन, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक सुविधाओं के साथ शहरी प्रशासन को अधिक जवाबदेह और नागरिक केंद्रित बनाना होगा। उन्होंने कहा कि यह केंद्र बिहार में शहरी नीति और प्रशासन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।

सांसद शांभवी चौधरी ने कहा कि शहरी विकास को केवल सड़कों और भवनों तक सीमित नहीं किया जा सकता। बेहतर शहरों के लिए पारदर्शी प्रशासन, नागरिक सहभागिता, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समावेशन और समान अवसर भी जरूरी हैं।

शोध, प्रशिक्षण और नीति संवाद पर रहेगा जोर

सेंटर फॉर अर्बन पॉलिसी एंड गवर्नेस के माध्यम से सरकार, शहरी स्थानीय निकायों, विकास एजेंसियों, विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों और विशेषज्ञों के बीच सहयोग बढ़ाने की योजना है। केंद्र में Expert Lectures, Policy Dialogues, Research Projects, Workshops, Field Studies और Interdisciplinary Research जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों और शोधार्थियों को शहरी विकास की जमीनी चुनौतियों से जोड़ना और उन्हें शोध तथा नीति-विश्लेषण की व्यावहारिक समझ देना है। कार्यक्रम में शहरी विकास, सुशासन, स्थानीय शासन, नागरिक सहभागिता और भविष्य की शहरी चुनौतियों पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि बिहार के सतत और समावेशी शहरी विकास के लिए Evidence-Based Policy, सक्षम स्थानीय संस्थाओं और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी को मजबूत करना जरूरी है। कुलपति प्रो. शरद कुमार यादव ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में यह केंद्र Urban Policy, Governance और Development के क्षेत्र में शोध, प्रशिक्षण और नीति संवाद का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।