पटना | 13 जुलाई 2026
बिहार में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। गया, नवादा और वैशाली जिले के कई पेंशनधारियों के बैंक खातों में अचानक करोड़ों और अरबों रुपये का बैलेंस दिखाई देने लगा। यह घटना उस समय सामने आई जब लाभार्थी 1100 रुपये की मासिक पेंशन निकालने के लिए ग्राहक सेवा केंद्र (CSP) पहुंचे। खातों में असामान्य राशि देखकर न केवल पेंशनधारी बल्कि बैंक कर्मचारी भी हैरान रह गए। फिलहाल मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
तीन जिलों में सामने आए एक जैसे मामले
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा 10 जुलाई को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत लाभार्थियों के खातों में 1100-1100 रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से भेजी गई थी। इसके बाद वैशाली के महुआ निवासी चंद्रदीप राय के खाते में करीब 7.40 अरब रुपये, गया के ई-रिक्शा चालक शिव कुमार पटेल के खाते में 759 करोड़ रुपये से अधिक, जबकि नवादा की रेखा देवी के खाते में 740 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि दिखाई देने लगी।
सीएसपी में तकनीकी गड़बड़ी की आशंका
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सभी मामले ग्राहक सेवा केंद्र (CSP) से पैसे निकालने के दौरान सामने आए। इसी वजह से तकनीकी गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है। बैंक अधिकारियों का मानना है कि वास्तविक राशि खातों में जमा नहीं हुई है, बल्कि यह सिस्टम या डिस्प्ले से जुड़ी तकनीकी त्रुटि हो सकती है। हालांकि इसकी पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
बैंक ने रोके लेनदेन, जांच शुरू
गया में संबंधित बैंक ने एहतियात के तौर पर खाते से लेनदेन पर रोक लगा दी है। वहीं वैशाली और नवादा में भी बैंक अधिकारियों ने पूरे मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को भेज दी है। प्रशासन और बैंक संयुक्त रूप से यह पता लगाने में जुटे हैं कि आखिर यह तकनीकी गड़बड़ी कहां और कैसे हुई।
घबराए लाभार्थी, जल्द खुलासे की उम्मीद
अचानक करोड़ों रुपये का बैलेंस देखकर कई लाभार्थी घबरा गए। नवादा की रेखा देवी ने बताया कि इतनी बड़ी रकम देखकर उनकी तबीयत तक बिगड़ गई। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी और यदि किसी स्तर पर तकनीकी या मानवीय त्रुटि पाई जाती है तो उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।




