Bihar State Milk Co-operative Federation की लोकप्रिय डेयरी ब्रांड सुधा ने दूध की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें लागू होने के बाद अब बिहार के उपभोक्ताओं को हर लीटर दूध पर 2 रुपये अधिक चुकाने होंगे। बढ़ती उत्पादन लागत, पशु चारा, ट्रांसपोर्टेशन और डेयरी संचालन खर्चों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। इससे पहले अमूल भी दूध की कीमतें बढ़ा चुकी है।

कंफेड द्वारा जारी नई दरों के मुताबिक सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला सुधा गोल्ड दूध अब 65 रुपये की जगह 67 रुपये प्रति लीटर मिलेगा। वहीं सुधा शक्ति दूध की कीमत 57 रुपये से बढ़ाकर 59 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। इसके अलावा गाय के दूध यानी कॉउ मिल्क की कीमत भी 54 रुपये से बढ़कर 56 रुपये प्रति लीटर हो गई है।

दूध की कीमतों में हुई इस बढ़ोतरी का सीधा असर आम लोगों की रसोई पर पड़ेगा। खासकर मध्यम वर्गीय और निम्न आय वर्ग के परिवारों का मासिक बजट प्रभावित हो सकता है। रोजाना दूध का इस्तेमाल करने वाले परिवारों, बच्चों, बुजुर्गों और चाय-दूध के छोटे कारोबारियों को अब अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा।

डेयरी क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में पशुओं के चारे, बिजली, परिवहन और रखरखाव की लागत लगातार बढ़ी है। इसी वजह से डेयरी कंपनियां कीमतें बढ़ाने को मजबूर हुई हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में दही, पनीर, घी और अन्य डेयरी उत्पादों की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है।

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राजधानी पटना समेत राज्य के कई जिलों में लोगों ने दूध की बढ़ी कीमतों पर नाराजगी जताई है। उपभोक्ताओं का कहना है कि रोजमर्रा की जरूरी चीजें लगातार महंगी होती जा रही हैं, जिससे घरेलू बजट बिगड़ता जा रहा है।

हालांकि डेयरी प्रबंधन का कहना है कि किसानों और दुग्ध उत्पादकों के हितों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है, ताकि डेयरी से जुड़े लोगों को बेहतर लाभ मिल सके। दूध की नई कीमतों के बाद बिहार में महंगाई का असर आम आदमी की जेब पर और गहरा होता दिखाई दे रहा है।