पटना, 7 जुलाई 2026।
बिहार में मानसून की सक्रियता अब भी कमजोर बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र विकसित नहीं होने के कारण प्रदेश में व्यापक बारिश नहीं हो पा रही है। इसका असर यह है कि 6 जुलाई तक राज्य में सामान्य से करीब 55 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। जहां इस अवधि में 230.1 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, वहीं अब तक केवल 103 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है। राजधानी पटना समेत अधिकांश जिलों में बादलों की आवाजाही के बावजूद उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर रही है।
पांच जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी
मौसम विभाग ने बांका, भागलपुर, पश्चिम चंपारण, कटिहार और किशनगंज जिलों के लिए मेघगर्जन, वज्रपात और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान तेज बारिश की संभावना जताई गई है। अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और बादल छाए रहने की स्थिति बनी रह सकती है।
भागलपुर में सबसे अधिक वर्षा दर्ज
बीते 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। सबसे अधिक 47.8 मिमी वर्षा भागलपुर में दर्ज की गई। इसके अलावा बेगूसराय के साहेबपुर कमाल में 41.2 मिमी, खगड़िया के गोगरी में 34.2 मिमी, नवादा के कौआकोल में 30.2 मिमी और बरौनी में 28.2 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। गया, लखीसराय, मुंगेर और पटना के कुछ इलाकों में भी रुक-रुक कर बारिश हुई, जिससे तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई।
तापमान में मामूली गिरावट, उमस बरकरार
बारिश के बावजूद प्रदेश में उमस का असर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। सोमवार को पटना का अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री सेल्सियस जबकि वाल्मीकिनगर में 36.4 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सर्वाधिक तापमान दर्ज किया गया। गया का अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री, भागलपुर का 33.3 डिग्री और मुजफ्फरपुर का 33.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और वज्रपात के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।




