पटना, 28 अगस्त 2026 : बिहार के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा विभाग की ओर से एक अहम पहल की जानकारी सामने आई है। राज्य के मैट्रिक और इंटर की मार्कशीट पर अब ‘फेल’ शब्द नहीं लिखे जाने की तैयारी है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने समीक्षा बैठक के दौरान इस फैसले की जानकारी दी। इस प्रस्तावित बदलाव के तहत कम अंक या परीक्षा में सफल नहीं होने वाले विद्यार्थियों के प्रमाण पत्र पर ‘कौशल के लिए पात्र’ लिखा जा सकता है। सरकार का मानना है कि किसी एक परीक्षा में कम अंक आना किसी विद्यार्थी की पूरी क्षमता का पैमाना नहीं हो सकता। इस पहल का उद्देश्य परीक्षा में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाने वाले छात्रों का मनोबल बनाए रखना और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देना है।
नियमों में बदलाव की तैयारी
शिक्षा मंत्री के मुताबिक, इस फैसले को लागू करने के लिए जरूरी नियमों में बदलाव की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके बाद बिहार विद्यालय परीक्षा समिति को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं। सरकार का जोर इस बात पर है कि परीक्षा परिणाम को लेकर किसी विद्यार्थी के मन में नकारात्मक भावना पैदा न हो और उसे आगे की पढ़ाई या कौशल विकास के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।
सप्लीमेंट्री परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए स्पेशल क्लास
बिहार सरकार ने मैट्रिक की सप्लीमेंट्री परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के लिए भी तैयारी की योजना बनाई है। ऐसे छात्रों के लिए एक महीने तक विशेष कक्षाएं संचालित करने का फैसला किया गया है। इन कक्षाओं का उद्देश्य विद्यार्थियों को अतिरिक्त तैयारी का अवसर देना है, ताकि वे सप्लीमेंट्री परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकें और अपनी आगे की पढ़ाई जारी रख सकें।
5 सितंबर को लॉन्च होगा ‘शिक्षक सहयोग पोर्टल’
शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षकों के लिए भी डिजिटल सुविधा शुरू करने की तैयारी है। 5 सितंबर, शिक्षक दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ‘शिक्षक सहयोग पोर्टल’ लॉन्च करेंगे। राज्य स्तरीय कार्यक्रम श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित किया जाएगा। पोर्टल के जरिए शिक्षकों से जुड़ी सेवाओं, शिकायतों और विभागीय प्रक्रियाओं को ऑनलाइन और आसान बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।
शिक्षकों के ट्रांसफर-पोस्टिंग पर भी चर्चा
समीक्षा बैठक में शिक्षकों के ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर भी चर्चा हुई। शिक्षा मंत्री ने बताया कि शिक्षकों के स्थानांतरण में उनकी सुविधा का ध्यान रखा जाएगा। बताया गया कि सितंबर में इस दिशा में प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। इससे बड़ी संख्या में शिक्षकों को अपनी पसंद और सुविधा के अनुसार स्थानांतरण का अवसर मिल सकता है। सरकार का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के साथ विद्यार्थियों और शिक्षकों, दोनों के लिए प्रक्रियाओं को ज्यादा सुविधाजनक और सकारात्मक बनाने पर जोर दिया जा रहा है।




