पटना | 13 जुलाई 2026
बिहार में पर्यटन को नई पहचान देने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को 'मुख्यमंत्री बिहार हेली टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना-2026' का शुभारंभ किया। पर्यटन विभाग और सिविल विमानन विभाग की संयुक्त पहल से शुरू की गई इस योजना के तहत अब पर्यटक हेलीकॉप्टर के जरिए बिहार के प्रमुख धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों की हवाई यात्रा कर सकेंगे। योजना के लिए 13 जुलाई से ऑनलाइन बुकिंग शुरू हो गई है, जबकि 18 जुलाई 2026 से नियमित उड़ानों का संचालन प्रारंभ होगा।
पहले चरण में तीन प्रमुख पर्यटन स्थल शामिल
पर्यटन विभाग के अनुसार पहले चरण में वाल्मीकिनगर, राजगीर और कैमूर स्थित मां मुंडेश्वरी मंदिर को इस योजना में शामिल किया गया है। वाल्मीकिनगर के लिए राजकीय विमान सेवा उपलब्ध रहेगी, जबकि राजगीर और कैमूर के लिए 6+2 सीटर हेलीकॉप्टर संचालित किए जाएंगे। प्रत्येक उड़ान में अधिकतम पांच सीटें पर्यटकों के लिए आरक्षित रहेंगी।
सप्ताहांत पर मिलेगी हेलीकॉप्टर सेवा
पटना से वाल्मीकिनगर के लिए प्रत्येक शनिवार और रविवार सुबह 10 बजे तथा दोपहर 3 बजे उड़ान संचालित होगी। वहीं पटना-राजगीर और पटना-कैमूर रूट पर भी सप्ताहांत में नियमित हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा पटना शहर की हवाई सैर के लिए विशेष हेलीकॉप्टर जॉय राइड भी शुरू की जाएगी। प्रत्येक राइड लगभग 10 मिनट की होगी और हर सप्ताहांत चार राइड संचालित की जाएंगी।
जानिए कितना होगा किराया
राज्य सरकार ने आम नागरिकों और पर्यटकों को ध्यान में रखते हुए रियायती किराया तय किया है। पटना से राजगीर के लिए ₹4,000, वाल्मीकिनगर के लिए ₹5,000, कैमूर के लिए ₹6,000 प्रति यात्री शुल्क निर्धारित किया गया है। वहीं पटना शहर की हेलीकॉप्टर जॉय राइड का किराया ₹2,100 प्रति सीट रखा गया है। सभी टिकट बिहार पर्यटन विभाग और बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से बुक किए जा सकेंगे।
पर्यटन परियोजनाओं का भी होगा विस्तार
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पर्यटन क्षेत्र से जुड़ी कई विकास परियोजनाओं की भी शुरुआत की। बोधगया में लगभग 165.44 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले बौद्ध ध्यान एवं अनुभव केंद्र का शिलान्यास किया गया। इसके अलावा मनेर शरीफ, दीघा घाट, ब्रह्मेश्वर स्थान, बेलाउर सूर्य मंदिर, देवकुली धाम और अन्य धार्मिक स्थलों के विकास कार्यों का भी शुभारंभ किया गया।
पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
राज्य सरकार का मानना है कि हेली टूरिज्म सेवा शुरू होने से बिहार में धार्मिक, सांस्कृतिक और इको-टूरिज्म को नई गति मिलेगी। इससे पर्यटकों की संख्या बढ़ने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। सरकार का लक्ष्य बिहार को देश के प्रमुख हेली टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करना है।




