नई दिल्ली | 15 जुलाई 2026
देश के सबसे बड़े वैश्विक वस्त्र एवं परिधान आयोजन भारत टेक्स 2026 में बिहार ने उद्योग और निवेश के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। आयोजन के पहले ही दिन बिहार सरकार ने 16 कंपनियों के साथ 1476 करोड़ रुपये के निवेश के लिए एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इन निवेश प्रस्तावों से राज्य में 40,500 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। सरकार का मानना है कि यह निवेश बिहार को देश के उभरते टेक्सटाइल हब के रूप में नई पहचान देगा।
भारत मंडपम में हुआ समझौता
नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित चार दिवसीय भारत टेक्स 2026 का उद्घाटन केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने किया। इस दौरान बिहार, पार्टनर स्टेट के रूप में शामिल हुआ। बिहार पवेलियन का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और राज्य की उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने संयुक्त रूप से किया।
निवेशकों का बढ़ा भरोसा
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि बिहार में विकसित हो रहे प्लग एंड प्ले औद्योगिक ढांचे, निवेश-अनुकूल नीतियों और बेहतर बुनियादी सुविधाओं के कारण निवेशकों का विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार तेजी से देश के प्रमुख टेक्सटाइल एवं परिधान निर्माण केंद्र के रूप में उभर रहा है।
रोजगार और उद्योग को मिलेगा बढ़ावा
उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है। वहीं उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने बताया कि इस निवेश से स्थानीय उद्योगों को नए बाजार मिलेंगे, वैश्विक साझेदारियां मजबूत होंगी और युवाओं को अपने ही राज्य में रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।
2030 तक एक करोड़ रोजगार का लक्ष्य
बिहार सरकार ने वर्ष 2030 तक एक करोड़ रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। सरकार का कहना है कि टेक्सटाइल और परिधान उद्योग में बढ़ते निवेश से इस लक्ष्य को हासिल करने में बड़ी मदद मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि नए उद्योग स्थापित होने से राज्य की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।




