पटना, 20 अगस्त 2026 : बिहार के किसानों के लिए कृषि ऋण को लेकर एक राहत की खबर है। राज्य सरकार ने तीन लाख रुपये तक के कृषि लोन पर अतिरिक्त एक प्रतिशत ब्याज अनुदान देने की व्यवस्था की है। केंद्र सरकार के तीन प्रतिशत ब्याज अनुदान के साथ पात्र किसानों के लिए प्रभावी ब्याज दर करीब तीन प्रतिशत रह सकती है। इस योजना का लाभ किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), फसल ऋण और अन्य अल्पावधि कृषि उत्पादन ऋण लेने वाले पात्र किसानों को मिलेगा। इसमें लघु एवं सीमांत किसानों के साथ-साथ पात्र बटाईदार, मौखिक पट्टेदार और संयुक्त देयता समूह (JLG) के सदस्य भी शामिल हैं।
NABARD के साथ हुआ समझौता
बिहार सरकार ने योजना को लागू करने के लिए NABARD के साथ एमओयू किया है। कृषि मंत्री विजय सिन्हा की मौजूदगी में कृषि विभाग और नाबार्ड के अधिकारियों ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।
सामान्य ब्याज से कैसे मिलेगी राहत ?
कृषि ऋण पर सामान्य तौर पर करीब सात प्रतिशत ब्याज लगता है। केंद्र की ओर से तीन प्रतिशत ब्याज अनुदान के बाद बिहार सरकार अतिरिक्त एक प्रतिशत अनुदान देगी। इस तरह पात्र किसानों के लिए तीन लाख रुपये तक के ऋण पर प्रभावी ब्याज बोझ करीब तीन प्रतिशत रह सकता है।
तीन लाख से ज्यादा लोन पर क्या होगा ?
अगर किसान तीन लाख रुपये से ज्यादा का कृषि ऋण लेते हैं, तो ब्याज अनुदान का लाभ अधिकतम तीन लाख रुपये की राशि तक ही मिलेगा। इससे अधिक ऋण राशि पर अतिरिक्त राज्य ब्याज अनुदान लागू नहीं होगा।
समय पर कर्ज चुकाना जरूरी
इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को निर्धारित समय सीमा में अपना कृषि ऋण चुकाना होगा। समय पर भुगतान करने वाले पात्र किसानों को ही ब्याज अनुदान का लाभ मिलेगा।
सरकार ने कितना बजट रखा ?
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिहार सरकार ने इस योजना के तहत पांच करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई है। बिहार सरकार का उद्देश्य किसानों को संस्थागत कृषि ऋण के लिए प्रोत्साहित करना और खेती के लिए लिए जाने वाले कर्ज का ब्याज बोझ कम करना है।




