नई दिल्ली, 18 अगस्त 2026 : बिहार के सीवान में 25 जुलाई 2026 को हुए हिंसक प्रदर्शन के मामले में बिहार पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में कई अहम जानकारियां दी हैं। पुलिस के मुताबिक प्रदर्शन के दौरान पथराव में सीवान के एसपी समेत 20 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इसी दौरान भीड़ में फंसे डिस्ट्रिक्ट इंटेलिजेंस यूनिट (DIU) के कॉन्स्टेबल ने अपनी AK-47 से हवा में चार राउंड फायर किए थे। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि AK-47 से की गई फायरिंग में कोई घायल नहीं हुआ। हालांकि इस मामले में संबंधित कॉन्स्टेबल को निलंबित कर दिया गया है और उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है। फायरिंग से जुड़े पहलुओं की बैलिस्टिक जांच भी जारी है।
25 जुलाई को सीवान में कैसे बिगड़े हालात ?
बिहार पुलिस के हलफनामे के अनुसार, 25 जुलाई को AISA और RYA यानी CPI(ML) से जुड़े छात्र एवं युवा संगठनों के प्रदर्शनकारी सीवान के गांधी मैदान में जुटे थे। इसके बाद प्रदर्शनकारी JP चौक की ओर मार्च करने लगे। पुलिस के अनुसार, दोपहर करीब 12:30 बजे प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस बल पर पथराव शुरू हुआ। इसके बाद मैरवा रोड और गोपालगंज रोड की ओर से आए कुछ अन्य लोग भी पत्थरबाजी में शामिल हो गए। देखते ही देखते स्थिति हिंसक हो गई।
पथराव में 20 पुलिसकर्मी घायल
पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि पथराव में सीवान के एसपी समेत 20 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। घायलों में दो SDPO, दो इंस्पेक्टर, दो सब-इंस्पेक्टर और 13 कॉन्स्टेबल शामिल थे। हिंसा के दौरान पुलिस की दो गाड़ियों व कई ट्रैफिक ट्रॉलियों को नुकसान पहुंचने की बात हलफनामे में कही गई है।
भीड़ में फंसे जवान ने AK-47 से की फायरिंग
पुलिस के अनुसार, मौके पर तैनात बल कम पड़ने के बाद अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को बुलाया गया। इसी दौरान JP चौक के पास DIU में तैनात एक कॉन्स्टेबल भीड़ के बीच फंस गया। पुलिस का कहना है कि इसी स्थिति में कॉन्स्टेबल ने अपनी AK-47 से हवा में चार राउंड फायर किए। हालांकि बिहार पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इन गोलियों से किसी व्यक्ति के घायल होने की जानकारी नहीं है।
दूसरे पुलिसकर्मी ने 9mm पिस्तौल से चलाईं दो गोलियां
हलफनामे के मुताबिक, JP चौक से करीब 1.5 से 2 किलोमीटर दूर हाथी चौक पर एक अन्य ASI ने भीड़ को नियंत्रित करने और तितर-बितर करने के लिए अपनी 9mm पिस्तौल से दो राउंड फायर किए थे। पुलिस ने घटनास्थल से .315 बोर के दो और 7.65 mm का एक फायर किया हुआ कारतूस बरामद होने की जानकारी भी दी है।
तीन प्रदर्शनकारियों को लगी थी गोली
बिहार पुलिस के अनुसार, हिंसा के दौरान तीन प्रदर्शनकारियों को गोली लगने से मामूली चोटें आई थीं। उन्हें सीवान सदर अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए पटना के मेदांता अस्पताल भेजा गया। इलाज के बाद तीनों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि इन तीनों की चोटें AK-47 से की गई फायरिंग के कारण नहीं थीं। पुलिस के अनुसार, ये तीनों उस जगह पर भी मौजूद नहीं थे जहां से DIU कॉन्स्टेबल ने AK-47 से फायरिंग की थी।
भीड़ को नियंत्रित करने में वाटर कैनन व आंसू गैस का इस्तेमाल
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन और आंसू गैस के गोले इस्तेमाल किए। कानून-व्यवस्था संभालने के लिए अलग-अलग विभागों और पुलिस लाइनों में तैनात अतिरिक्त अधिकारियों और जवानों को भी मौके पर बुलाया गया था।
82 लोगों के खिलाफ छह FIR दर्ज
पुलिस के मुताबिक सीवान हिंसा से जुड़े मामलों में कुल 82 लोगों के खिलाफ छह FIR दर्ज की गई हैं। इनमें से 17 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है।
AK-47 चलाने वाले कॉन्स्टेबल पर विभागीय कार्रवाई
हलफनामे में पुलिस ने बताया कि AK-47 से फायरिंग करने वाले कॉन्स्टेबल को कथित तौर पर गलत तरीके से हथियार इस्तेमाल करने के मामले में निलंबित कर दिया गया है। उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू की गई है। पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट को यह भी बताया कि AK-47 प्लाटून स्तर का हथियार है और इसका इस्तेमाल विशेष अभियानों में किया जाना चाहिए।
DGP ने AK-47 के इस्तेमाल को लेकर जारी किए निर्देश
बिहार पुलिस के अनुसार, पुलिस महानिदेशक ने 1 अगस्त को AK-47 के इस्तेमाल को लेकर विस्तृत निर्देश जारी किए थे। पुलिस ने बताया कि इससे पहले भी इस संबंध में निर्देश जारी किए जा चुके हैं। पुलिस के मुताबिक, सामान्य कानून-व्यवस्था की स्थिति में ऐसे हथियारों के इस्तेमाल से बचना चाहिए।
बैलिस्टिक जांच से खुलेगा फायरिंग का पूरा राज
AK-47 से हुई फायरिंग को लेकर पुलिस की बैलिस्टिक जांच जारी है। इसमें इस्तेमाल हथियार, गोली चलाने की दूरी, फायरिंग के एंगल और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि 25 जुलाई की हिंसा के दौरान फायरिंग किन परिस्थितियों में हुई और किस हथियार से किस तरह की चोट लगी।




