बेगूसराय | 13 जुलाई 2026

बिहार सरकार की मुख्यमंत्री स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत शिक्षा ऋण लेने के बाद समय पर किस्त जमा नहीं करने वाले छात्रों के खिलाफ बेगूसराय जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिले में 2,888 ऐसे छात्रों की पहचान की गई है जिन्होंने निर्धारित समय के भीतर ऋण का भुगतान नहीं किया। अब इन छात्रों से 67.08 करोड़ रुपये की बकाया राशि की वसूली के लिए सर्टिफिकेट केस दर्ज करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

1,705 मामलों में दर्ज हो चुका है सर्टिफिकेट केस

जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र (DRCC) और बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम की ओर से मिली जानकारी के अनुसार अब तक 1,804 मामलों में 36.79 करोड़ रुपये की रिक्विजिशन दाखिल की जा चुकी है। इनमें से 1,705 मामलों में ऑनलाइन सर्टिफिकेट केस दर्ज किए जा चुके हैं। अधिकारियों का कहना है कि शेष मामलों में भी कानूनी प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है।

सैकड़ों छात्रों को भेजे गए नोटिस

शिक्षा वित्त निगम के सहायक प्रबंधक अजय कुमार राय के अनुसार, अब तक 850 छात्रों को धारा-7 के तहत नोटिस जारी किया गया है, जबकि 249 छात्रों को चेतावनी नोटिस भेजे गए हैं। विभाग पहले ई-मेल के माध्यम से सूचना देता है और उसके बाद रजिस्टर्ड डाक से अंतिम नोटिस भेजा जाता है। यदि इसके बावजूद भुगतान नहीं होता, तो सर्टिफिकेट केस दर्ज किया जाता है।

बेरोजगार और आगे पढ़ाई करने वालों को मिल सकती है राहत

अधिकारियों ने बताया कि योजना के तहत तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा के लिए ऋण लेने वाले छात्रों को पढ़ाई पूरी होने के एक वर्ष बाद किस्त चुकानी होती है। हालांकि, यदि कोई छात्र बेरोजगार है या उच्च शिक्षा जारी रखे हुए है, तो वह हर छह महीने पर डीआरसीसी में शपथ पत्र जमा कर निर्धारित अवधि तक किस्त भुगतान में राहत प्राप्त कर सकता है।

अब तक 2.51 करोड़ रुपये की वसूली

विभाग के अनुसार अब तक 2.51 करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है। करीब 600 छात्रों ने शपथ पत्र जमा किया है या आंशिक भुगतान किया है। वहीं शेष मामलों में कार्रवाई जारी है और प्रशासन ने वर्तमान अभियान के तहत 8 से 9 करोड़ रुपये अतिरिक्त वसूली का लक्ष्य निर्धारित किया है। अधिकारियों का कहना है कि योजना का लाभ लेने वाले सभी छात्रों को समय पर ऋण चुकाना चाहिए, ताकि भविष्य में अन्य जरूरतमंद विद्यार्थियों को भी इस योजना का लाभ मिल सके।