पटना | 8 जुलाई 2026
बिहार की सबसे चर्चित विधानसभा सीटों में शामिल बांकीपुर उपचुनाव को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने अपने पत्ते खोल दिए हैं। पार्टी ने एक बार फिर रेखा गुप्ता को उम्मीदवार घोषित करते हुए यह स्पष्ट संकेत दिया है कि बांकीपुर की लड़ाई इस बार पूरी ताकत के साथ लड़ी जाएगी। प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल ने उम्मीदवार के नाम का आधिकारिक एलान किया।
रेखा गुप्ता इससे पहले वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में भी बांकीपुर सीट से राजद प्रत्याशी थीं, हालांकि उन्हें भाजपा के तत्कालीन विधायक नितिन नवीन से हार का सामना करना पड़ा था। अब उपचुनाव में पार्टी ने दोबारा उन पर भरोसा जताया है।
रेखा गुप्ता ने जताया नेतृत्व का आभार
उम्मीदवार घोषित होने के बाद रेखा गुप्ता ने पार्टी नेतृत्व, खासकर लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बांकीपुर की जनता बदलाव चाहती है और इस बार राजद को जीत का पूरा भरोसा है।
उन्होंने कहा कि वह बांकीपुर की बेटी हैं और जनता से केवल चार वर्षों का अवसर मांग रही हैं ताकि क्षेत्र के विकास के लिए काम कर सकें।
प्रशांत किशोर पर साधा निशाना
जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर की चुनौती पर प्रतिक्रिया देते हुए रेखा गुप्ता ने कहा कि "रणनीतिकार और राजनेता में बड़ा अंतर होता है।" उन्होंने दावा किया कि जन सुराज पहले भी बांकीपुर में चुनाव लड़ चुकी है, लेकिन जनता ने उसे स्वीकार नहीं किया।
कांग्रेस की उम्मीदों को झटका
बांकीपुर सीट पर कांग्रेस भी अपनी दावेदारी जता रही थी, लेकिन राजद द्वारा उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद कांग्रेस की उम्मीदों पर विराम लग गया। प्रदेश अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल ने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव में भी रेखा गुप्ता महागठबंधन की उम्मीदवार थीं, इसलिए इस बार किसी असहमति का सवाल ही नहीं उठता।
भाजपा पर लगाए कई आरोप
राजद ने सोशल मीडिया के जरिए भाजपा पर भी तीखा हमला बोला। पार्टी ने आरोप लगाया कि पिछले चार दशकों से बांकीपुर का प्रतिनिधित्व करने के बावजूद क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। राजद ने दावा किया कि बरसात के दौरान क्षेत्र की स्थिति खराब रहती है और जनता इस बार बदलाव का मन बना चुकी है।
दिलचस्प होगा मुकाबला
बांकीपुर उपचुनाव इस बार बेहद दिलचस्प माना जा रहा है। एक ओर भाजपा अपनी पारंपरिक सीट बचाने की कोशिश करेगी, दूसरी ओर राजद ने पुराने चेहरे पर दोबारा भरोसा जताया है। वहीं, प्रशांत किशोर की सक्रियता इस चुनाव को और भी रोचक बना रही है। ऐसे में यह उपचुनाव केवल एक सीट का नहीं, बल्कि बिहार की बदलती राजनीतिक दिशा का भी संकेतक माना जा रहा है।




