भागलपुर | 15 जुलाई 2026

बिहार सरकार ने राज्य के सड़क नेटवर्क को मजबूत बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने अजगैवीनाथ धाम, सुल्तानगंज से बिहार-झारखंड सीमा स्थित दर्दमारा तक लगभग 40 किलोमीटर लंबी फोर लेन सड़क के निर्माण को मंजूरी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर 534.54 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सड़क निर्माण पूरा होने के बाद न केवल बिहार और झारखंड के बीच आवागमन आसान होगा, बल्कि हर वर्ष श्रावणी मेला में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को भी बड़ी राहत मिलेगी।

जल्द जारी होगा टेंडर, नवंबर से शुरू हो सकता है निर्माण

जानकारी के अनुसार, इस परियोजना का निर्माण बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (BSRDCL) के माध्यम से कराया जाएगा। प्रशासनिक और तकनीकी स्वीकृति मिलने के बाद अब जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। अधिकारियों का लक्ष्य निर्माण एजेंसी का चयन कर नवंबर 2026 से कार्य शुरू कराना है।

लाखों लोगों को मिलेगा बेहतर सड़क नेटवर्क

नई फोर लेन सड़क बनने से सुल्तानगंज, तारापुर, संग्रामपुर, बेलहर, कटोरिया, चांदन और बिहार-झारखंड सीमा से जुड़े लाखों लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी। इससे यात्रा का समय कम होगा, ट्रैफिक जाम में कमी आएगी और सड़क दुर्घटनाओं पर भी नियंत्रण मिलने की उम्मीद है। साथ ही व्यापार और माल परिवहन को भी नई गति मिलेगी।

श्रावणी मेला में श्रद्धालुओं को मिलेगी बड़ी राहत

श्रावणी मेला के दौरान हर साल लाखों शिवभक्त सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर पैदल बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए रवाना होते हैं। नई फोर लेन सड़क बनने से कांवरियों की यात्रा पहले से अधिक सुरक्षित और सुगम होगी। प्रशासन को भी भीड़ प्रबंधन और यातायात संचालन में काफी सुविधा मिलेगी।

धार्मिक पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा

सरकार का मानना है कि यह सड़क केवल एक परिवहन परियोजना नहीं, बल्कि धार्मिक पर्यटन, स्थानीय कारोबार और क्षेत्रीय विकास के लिए भी मील का पत्थर साबित होगी। सड़क बनने के बाद बिहार और झारखंड के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी तथा आसपास के क्षेत्रों में निवेश और रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।