पटना : 28/06/2026

30 जून तक पूरी करनी होगी सभी लंबित योजनाएं

बिहार में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के संचालन में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। ग्रामीण विकास विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि 30 जून 2026 तक चल रही सभी पुरानी योजनाओं को हर हाल में पूरा करना होगा। निर्धारित समय सीमा तक जो योजनाएं पूरी नहीं होंगी, उन्हें बंद मानते हुए उनकी माप पुस्तिका (Measurement Book) तैयार की जाएगी और उपलब्ध कार्य के अनुसार भुगतान व राशि समायोजन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

1 जुलाई से लागू होगी नई कार्य प्रणाली

1 जुलाई 2026 से मनरेगा के तहत नई व्यवस्था लागू होगी। इसके तहत पंचायत स्तर पर नई विकास योजनाओं का चयन किया जाएगा और स्वीकृति मिलने के बाद उनका क्रियान्वयन शुरू होगा। अधिकारियों का कहना है कि नई प्रणाली का उद्देश्य योजनाओं के चयन, निगरानी और क्रियान्वयन में अधिक पारदर्शिता लाना तथा समय पर कार्य पूरा कराना है।

अब 100 नहीं, 125 दिनों का मिलेगा रोजगार

नई व्यवस्था का सबसे बड़ा बदलाव रोजगार अवधि में वृद्धि है। अब तक मनरेगा के तहत एक ग्रामीण परिवार को वित्तीय वर्ष में अधिकतम 100 दिनों का रोजगार मिलता था, लेकिन नई व्यवस्था में यह सीमा बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है। इससे ग्रामीण परिवारों को अतिरिक्त रोजगार मिलेगा और उनकी आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। सरकार का मानना है कि यह बदलाव ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगा।

कृषि सीजन में दो महीने बंद रहेंगे मनरेगा कार्य

नई व्यवस्था में खेती को भी प्राथमिकता दी गई है। धान की रोपाई और कटाई तथा गेहूं की बुवाई और कटाई के दौरान लगभग दो महीने तक मनरेगा के कार्य स्थगित रखे जाएंगे। इसका उद्देश्य किसानों को कृषि कार्य के लिए समय पर मजदूर उपलब्ध कराना है, ताकि खेती प्रभावित न हो और मजदूरों की कमी की समस्या कम हो सके।