काठमांडू/नई दिल्ली | 31 जुलाई 2026: नेपाल के सुनसरी जिले से शुरू हुई सांप्रदायिक हिंसा अब देश के कई अन्य जिलों तक फैल गई है। हालात बिगड़ने के बाद भारत-नेपाल सीमा से सटे सप्तरी समेत कई संवेदनशील इलाकों में कर्फ्यू लागू कर दिया गया है। इस बीच प्रशासन ने अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की है, जबकि सरकार की शुरुआती प्रतिक्रिया को लेकर विपक्ष और सामाजिक संगठनों ने सवाल उठाए हैं।

डीजे विवाद से शुरू हुआ मामला

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विवाद की शुरुआत कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे बजाने को लेकर दो समुदायों के बीच कहासुनी से हुई। देखते ही देखते यह विवाद हिंसा में बदल गया और तनाव सुनसरी से बढ़कर सप्तरी, सिराहा, धनुषा और पर्सा जिलों तक पहुंच गया।

कई इलाकों में कर्फ्यू, सुरक्षा बढ़ाई गई

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में कर्फ्यू लागू किया गया है। पुलिस और सशस्त्र सुरक्षा बल लगातार फ्लैग मार्च कर रहे हैं ताकि किसी भी नई हिंसक घटना को रोका जा सके।

सरकार पर उठे सवाल

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और विपक्षी नेताओं का आरोप है कि यदि शुरुआती दौर में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, समुदाय के नेताओं और प्रशासन के बीच संवाद कराया जाता तो हालात इतने नहीं बिगड़ते। नेपाल सरकार पर प्रभावित क्षेत्रों के दौरे और राजनीतिक हस्तक्षेप में देरी के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। आरोप है कि सरकार समय पर कार्रवाई नहीं की, जिससे स्थिति ज्यादा खराब हो गई।

घायलों और पीड़ित परिवारों से मिले मंत्री

गोलीबारी में घायल लोगों और मृतकों के परिजनों से मिलने के लिए गृह मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री बिराटनगर पहुंचे। देर रात हुई वार्ता के बाद प्रशासन और पीड़ित पक्ष के बीच सात बिंदुओं पर सहमति बनी, जिसके बाद तनाव कम करने की दिशा में प्रयास तेज किए गए।