वॉशिंगटन, 1 अगस्त 2026 : अमेरिका के कई राज्यों में जल आपूर्ति और वेस्टवॉटर सिस्टम को निशाना बनाकर किए गए साइबर हमलों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। शुरुआती जांच के अनुसार एक सप्ताह के भीतर सात राज्यों के महत्वपूर्ण जल प्रबंधन सिस्टम पर संदिग्ध साइबर गतिविधियां दर्ज की गईं। इस मामले की जांच संघीय एजेंसियां कर रही हैं। मिनेसोटा में 26 और 27 जुलाई के दौरान 30 से अधिक सामुदायिक जल आपूर्ति प्रणालियों में साइबर घुसपैठ की कोशिश सामने आई। इसके बाद कई स्थानों पर एहतियात के तौर पर स्वचालित नियंत्रण प्रणाली बंद कर मैनुअल संचालन शुरू किया गया ताकि जल आपूर्ति प्रभावित न हो। जांच में एफबीआई (FBI), साइबर सिक्योरिटी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सिक्योरिटी एजेंसी (CISA) और पर्यावरण संरक्षण एजेंसी (EPA) सहित कई संघीय एजेंसियां शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि हमले का पैटर्न पहले दर्ज कुछ ईरान-संबंधी साइबर अभियानों से मिलता-जुलता दिखाई देता है। हालांकि अंतिम निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है।
PLC सिस्टम को बनाया गया निशाना
प्रारंभिक जांच के अनुसार, हमलावरों ने जल संयंत्रों में लगे प्रोग्रामेबल लॉजिक कंट्रोलर्स (PLC) को निशाना बनाया। ये सिस्टम पानी का दबाव, पंप संचालन और रासायनिक मिश्रण जैसी प्रक्रियाओं को नियंत्रित करते हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यदि ऐसे सिस्टम से छेड़छाड़ सफल हो जाती तो जल आपूर्ति बाधित होने या पानी की गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा पैदा हो सकता था। अधिकारियों का कहना है कि हमलावरों ने मुख्य रूप से इंटरनेट से जुड़े और कमजोर पासवर्ड वाले सिस्टम का फायदा उठाने की कोशिश की।
ट्रंप ने ईरान को सीधे जिम्मेदार नहीं ठहराया
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर सीधे आरोप लगाने से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी और राज्य स्तर की सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी जांच की जानी चाहिए। वहीं, जांच एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि साइबर हमलों की तकनीकी जांच जारी है और किसी देश या समूह की आधिकारिक जिम्मेदारी अभी तय नहीं की गई है।
जांच जारी, सुरक्षा बढ़ाई गई
साइबर हमलों के बाद अमेरिका के कई राज्यों में महत्वपूर्ण जल आपूर्ति ढांचे की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। विशेषज्ञों ने सभी जल प्रबंधन एजेंसियों को साइबर सुरक्षा मानकों को मजबूत करने, कमजोर पासवर्ड बदलने और इंटरनेट से जुड़े कंट्रोल सिस्टम की अतिरिक्त निगरानी करने की सलाह दी है। अधिकारियों का कहना है कि विस्तृत फोरेंसिक जांच पूरी होने के बाद ही हमलों के पीछे जिम्मेदार तत्वों की आधिकारिक पुष्टि की जाएगी, मगर अब तक कुछ भी साफ नहीं है और आगे क्या होता है देखना है।




