लखनऊ, 17 अगस्त। उत्तर प्रदेश एटीएस ने कथित आतंकी नेटवर्क से जुड़े एक मामले में 24 वर्षीय मोहम्मद जफर को गिरफ्तार किया है। एटीएस के मुताबिक, बिहार के पूर्णिया निवासी जफर का संपर्क प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े लोगों और एक कथित पाकिस्तानी हैंडलर से था। जांच एजेंसी ने उस पर मदरसे के नाम पर चंदा जुटाकर कथित तौर पर पाकिस्तान स्थित नेटवर्क तक रकम पहुंचाने का आरोप लगाया है।

सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच में मिले सुराग

एटीएस के अनुसार, जफर मेरठ के एक मदरसे में पढ़ाई कर चुका है। जांच के दौरान उसके मोबाइल फोन और सोशल मीडिया अकाउंट की पड़ताल की गई। एजेंसी का दावा है कि इनमें जेहादी और भड़काऊ सामग्री से जुड़े कई सुराग मिले।

जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपी सोशल मीडिया पर ऐसी सामग्री साझा करता था, जिसमें जेहाद और खिलाफत से संबंधित बातें थीं। उसके मोबाइल में पाकिस्तान से जुड़े कुछ व्हाट्सऐप ग्रुप मिलने का भी दावा किया गया है। इन ग्रुपों में कथित तौर पर चंदे और जेहादी गतिविधियों से जुड़ी बातचीत होती थी।

पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में आने का आरोप

एटीएस का कहना है कि जफर बाद में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े एक कथित जेहादी ग्रुप के संपर्क में आया। इसके बाद वह कथित तौर पर पाकिस्तान स्थित हैंडलर के संपर्क में पहुंचा। एजेंसी के अनुसार, उसने कुछ गतिविधियों में मदद करने की पेशकश भी की थी।

डिजिटल लेनदेन की भी जांच

जांच में डिजिटल माध्यम से रकम भेजे जाने के आरोप भी सामने आए हैं। एटीएस के अनुसार, आरोपी ने बाइनेंस अकाउंट की मांग की थी और कथित तौर पर क्रिप्टोकरेंसी के जरिए रकम भेजने की कोशिश की। एजेंसी ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

अब एटीएस आरोपी के कथित संपर्कों, आर्थिक लेनदेन और डिजिटल नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका सामने आने की संभावना है। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगी।