अयोध्या | 13 अगस्त 2026

अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के CEO पद को लेकर नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। मंगलवार और बुधवार को संभावित उम्मीदवारों के इंटरव्यू हुए, जिसके बाद तीन नाम शॉर्टलिस्ट किए जाने की जानकारी सामने आई है। इनमें उत्तर प्रदेश के पूर्व IPS अधिकारी राजेश पांडेय का नाम भी शामिल बताया जा रहा है। उनके लंबे पुलिस और प्रशासनिक अनुभव के कारण उनकी उम्मीदवारी चर्चा में है।

32 साल तक यूपी पुलिस में दी सेवा

राजेश पांडेय 2003 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के IPS अधिकारी रहे हैं। इससे पहले वर्ष 1986 में UPPSC के जरिए PPS अधिकारी के रूप में उनका चयन हुआ था। 21 फरवरी 1989 को उन्हें DSP के पद पर तैनाती मिली। कई महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं देने के बाद वर्ष 2003 में वह IPS बने और बाद में बरेली रेंज के IG समेत कई जिम्मेदारियां संभालीं। 30 जून 2021 को वह IG, इलेक्शन सेल के पद से सेवानिवृत्त हुए।

एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के तौर पर रही पहचान

लखनऊ, अलीगढ़ और मेरठ में SSP के रूप में काम करने के दौरान राजेश पांडेय की पहचान एनकाउंटर स्पेशलिस्ट अधिकारी के तौर पर बनी। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने 80 से अधिक पुलिस एनकाउंटरों में भूमिका निभाई। वह उत्तर प्रदेश STF और ATS के शुरुआती संस्थापक सदस्य अधिकारियों में भी रहे।

श्रीप्रकाश शुक्ला के खिलाफ अभियान भी चर्चित

उनके करियर में कुख्यात अपराधी श्रीप्रकाश शुक्ला के खिलाफ अभियान विशेष रूप से चर्चित रहा। संगठित अपराध और आतंकवाद के खिलाफ कई अभियानों में उनकी भूमिका रही और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के क्षेत्र में भी उनके अनुभव का उल्लेख किया जाता रहा है।

कई सम्मान से हो चुके हैं सम्मानित

राजेश पांडेय को पुलिस सेवा के दौरान विभिन्न पदकों और प्रशस्तियों से सम्मानित किया गया। उन्हें वर्ष 2005 में सराहनीय सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक, 2008 में कोसोवो शांति मिशन के लिए संयुक्त राष्ट्र पदक सहित अन्य पुलिस सम्मान मिले।

रिटायरमेंट के बाद भी प्रशासनिक भूमिका

सेवानिवृत्ति के बाद वह UPEIDA और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ी सुरक्षा जिम्मेदारियों में भी रहे। अब राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद के संभावित उम्मीदवार के रूप में उनका नाम सामने आने के बाद उनके प्रशासनिक अनुभव पर भी चर्चा तेज है। अंतिम नियुक्ति का फैसला संबंधित प्रक्रिया पूरी होने के बाद होगा।