राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में चंपत राय को बड़ी राहत, SIT रिपोर्ट में नहीं बनाया आरोपी; 8 लोगों पर कार्रवाई की तैयारीअयोध्या, 18 अगस्त। अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में जांच के बाद बड़ा अपडेट सामने आया है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी अंतिम रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। रिपोर्ट में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा को मामले में आरोपी नहीं माना गया है। इससे दोनों को बड़ी राहत मिली है।
SIT की अंतिम रिपोर्ट में 8 लोगों को मुख्य आरोपी बताया
जांच दल की रिपोर्ट के अनुसार, चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में आठ लोगों को मुख्य आरोपी माना गया है। इनमें अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू के नाम शामिल बताए गए हैं।
चढ़ावे की गिनती और नकदी प्रबंधन पर उठे थे सवाल
मामला सामने आने के बाद मंदिर में आने वाले चढ़ावे की गिनती, नकदी के रखरखाव और निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठे थे। जांच के दौरान व्यवस्था से जुड़ी कुछ कमियों और चूकों का भी उल्लेख किया गया है। ऐसे में मंदिर के चढ़ावे के प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर चर्चा फिर तेज हो गई है।
जून में दोनों ने छोड़े थे अपने पद
चढ़ावे को लेकर विवाद के बीच चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा ने जून 2026 में अपने पदों से इस्तीफा दिया था। इसके बाद SIT ने दोनों से पूछताछ भी की थी। अब अंतिम रिपोर्ट में उन्हें आरोपी नहीं बनाए जाने से उन्हें राहत मिली है।
दूसरी जांच अभी भी जारी
हालांकि, SIT की रिपोर्ट के बाद यह मामला पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चल रही दूसरी जांच प्रक्रिया अभी जारी है। ऐसे में आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे। राम मंदिर से जुड़े इस संवेदनशील मामले में अब सभी की नजर आगे की कार्रवाई पर टिकी है।




