लखनऊ, 17 अगस्त। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सोमवार को पारा स्थित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय की छात्राओं ने स्कूल की व्यवस्थाओं को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। कक्षा 6 से 12वीं तक की छात्राएं भारी बारिश के बीच करीब ढाई किलोमीटर पैदल चलकर दुबग्गा-कानपुर बाईपास चौराहे पर पहुंचीं और धरने पर बैठ गईं। छात्राओं ने विद्यालय में शिक्षकों की कमी, भोजन की गुणवत्ता और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।
शिक्षकों की कमी से पढ़ाई प्रभावित होने का आरोप
प्रदर्शन कर रही छात्राओं का आरोप था कि विद्यालय में पर्याप्त संख्या में शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। छात्राओं ने यह भी दावा किया कि स्कूल में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है। इसके अलावा बीमार पड़ने पर समय पर उचित चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने की समस्या भी उन्होंने सामने रखी।
डीएम के इंतजार के बाद मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ीं
धरने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्राओं को समझाने का प्रयास किया। छात्राएं जिलाधिकारी को मौके पर बुलाने और अपनी समस्याओं का तत्काल समाधान कराने की मांग पर अड़ी रहीं।
बताया गया कि करीब ढाई घंटे इंतजार के बाद भी जिलाधिकारी के मौके पर नहीं पहुंचने से छात्राएं नाराज हो गईं। इसके बाद वे पैदल ही मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने लगीं। काकोरी, दुबग्गा और पारा थानों की पुलिस टीम उनके साथ चलती रही।
हरदोई रोड पर लगा लंबा जाम
छात्राओं के सड़क पर उतरने के कारण हरदोई रोड पर यातायात प्रभावित हुआ और लंबा जाम लग गया। पुलिस तथा विद्यालय के शिक्षकों ने छात्राओं को रोककर समझाने का प्रयास किया। बाद में अधिकारियों ने उनकी समस्याओं पर जल्द कार्रवाई और विद्यालय की व्यवस्थाओं में सुधार का आश्वासन दिया।
जांच के लिए बनी संयुक्त टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग की संयुक्त जांच टीम गठित की गई है। टीम शिक्षकों की कथित गैरहाजिरी, भोजन की गुणवत्ता और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े आरोपों की जांच करेगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है।
आश्वासन मिलने के बाद छात्राओं ने प्रदर्शन समाप्त किया और विद्यालय लौटने के लिए तैयार हुईं।




