लखनऊ, 14 अगस्त। राजधानी लखनऊ में अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने करीब 101 अवैध इमारतों को ध्वस्तीकरण अभियान के लिए चिन्हित किया है। जानकारी के मुताबिक इन भवनों के खिलाफ कार्रवाई 17 अगस्त से शुरू करने की तैयारी है। इनमें अलीगंज क्षेत्र की 51 इमारतें भी शामिल हैं। अभियान के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एलडीए ने पुलिस बल की मांग की है।
अलीगंज की 51 इमारतों का होगा निरीक्षण
अलीगंज में चिन्हित 51 भवनों का 24 अगस्त को निरीक्षण प्रस्तावित है। सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त न्याय मित्र की टीम मौके पर पहुंचकर भवनों की स्थिति और संबंधित रिकॉर्ड की जांच करेगी। निरीक्षण के बाद रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत की जाएगी।
एलडीए ने तैयार किया भवनों का रिकॉर्ड
एलडीए ने कार्रवाई के लिए चिन्हित इमारतों का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार किया है। इसमें भवन की मंजिलों की संख्या, निर्माण की अवधि, स्वीकृत नक्शे, पहले की गई कार्रवाई और संबंधित अधिकारियों की भूमिका जैसी जानकारियां शामिल की गई हैं। अधिकारियों को निरीक्षण के दौरान सभी जरूरी दस्तावेज उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं।
सुरक्षा के लिए मांगा गया पुलिस बल
ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए एलडीए ने पुलिस आयुक्त से पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। अभियान के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। न्याय मित्र की टीम को आवश्यक दस्तावेज और नक्शे उपलब्ध कराने के लिए संबंधित कर्मचारियों की भी तैनाती की गई है।
प्रभावशाली लोगों से जुड़ी संपत्तियां भी जांच के दायरे में
चिन्हित इमारतों में कुछ प्रभावशाली लोगों से जुड़ी संपत्तियां होने की जानकारी भी सामने आई है। इनमें पूर्व राज्यपाल, पूर्व मंत्री, विधायक, कारोबारी और वरिष्ठ अधिवक्ताओं से संबंधित भवन शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि, किसी भी भवन के खिलाफ अंतिम कार्रवाई संबंधित कानूनी प्रक्रिया और जांच के आधार पर ही होगी।
सितंबर की सुनवाई से पहले रिपोर्ट की तैयारी
अलीगंज से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई सितंबर में प्रस्तावित है। इससे पहले न्याय मित्र की टीम के निरीक्षण और रिपोर्ट को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एलडीए के मुताबिक अलीगंज की 51 इमारतों के अलावा करीब 50 अन्य भवन भी कार्रवाई के दायरे में हैं। आने वाले दिनों में लखनऊ में अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान तेज होने की संभावना है।




