फसल नुकसान झेलने वाले किसानों को मिली बड़ी मदद

बिहार सरकार ने राज्य के लाखों किसानों को बड़ी आर्थिक राहत देते हुए कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत लगभग 200 करोड़ रुपये की सहायता राशि जारी कर दी है। यह राशि सीधे लाभार्थी किसानों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी गई है। सरकार के इस कदम से उन किसानों को राहत मिली है, जिनकी फसल प्राकृतिक आपदाओं और प्रतिकूल मौसम की वजह से प्रभावित हुई थी।

पीएम-किसान की किस्त के बाद बिहार सरकार का बड़ा फैसला

20 जून 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पीएम-किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त जारी किए जाने के बाद बिहार सरकार ने भी किसानों के लिए राहत पैकेज जारी किया। 22 जून को राज्य सरकार ने करीब 3 लाख 96 हजार से अधिक किसानों के खातों में सहायता राशि ट्रांसफर करने की प्रक्रिया पूरी की। कृषि विभाग के अनुसार सभी लाभार्थियों का सत्यापन करने के बाद भुगतान किया गया है।

जांच पूरी होने के बाद जारी हुई राशि

कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत लाभ पाने के लिए किसानों ने अपनी फसल क्षति से संबंधित विवरण पोर्टल पर अपलोड किए थे। इसके बाद संबंधित अधिकारियों द्वारा आवेदन, भूमि विवरण और फसल नुकसान की जांच की गई। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र किसानों को भुगतान स्वीकृत किया गया। सरकार का दावा है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संपन्न की गई है।

लगभग चार लाख किसान हुए लाभान्वित

इस चरण में 3.96 लाख से अधिक किसानों को योजना के दायरे में लाया गया है। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि राज्य में फसल नुकसान झेलने वाले किसानों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है, ताकि वे अगली बुआई और कृषि कार्यों की तैयारी बिना आर्थिक दबाव के कर सकें।

घर बैठे ऐसे करें भुगतान की जांच

जिन किसानों ने योजना के तहत आवेदन किया था, वे घर बैठे अपनी भुगतान स्थिति ऑनलाइन देख सकते हैं। इसके लिए उन्हें बिहार कृषि विभाग के DBT पोर्टल पर जाकर कृषि इनपुट अनुदान योजना के "Application Status" विकल्प पर क्लिक करना होगा। इसके बाद 13 अंकों का किसान पंजीकरण नंबर दर्ज करते ही आवेदन और भुगतान की पूरी जानकारी स्क्रीन पर उपलब्ध हो जाएगी।

कृषि क्षेत्र को मजबूत करने की कोशिश

विशेषज्ञों का मानना है कि प्राकृतिक आपदाओं और मौसम संबंधी जोखिमों के बीच इस तरह की सहायता योजनाएं किसानों की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। सरकार की ओर से जारी यह 200 करोड़ रुपये की सहायता राशि न केवल प्रभावित किसानों को राहत देगी, बल्कि कृषि गतिविधियों को भी गति देने में मददगार साबित होगी।