बदलती जीवनशैली के साथ बढ़ रहा नया स्वास्थ्य संकट

स्मार्टफोन, लैपटॉप और टैबलेट का बढ़ता इस्तेमाल अब केवल आंखों तक सीमित नहीं रह गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार स्क्रीन पर झुककर काम करने की आदत युवाओं और कामकाजी लोगों में 'टेक नेक' (Tech Neck) नाम की समस्या को तेजी से बढ़ा रही है। इसमें गर्दन, कंधों और ऊपरी रीढ़ की मांसपेशियों पर लगातार दबाव पड़ता है, जिससे दर्द, अकड़न और लंबे समय में रीढ़ से जुड़ी गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

रिसर्च में क्या सामने आया?

अमेरिका की National Library of Medicine (NLM) और Journal of Physical Therapy Science में प्रकाशित कई अध्ययनों के अनुसार, प्रतिदिन 4 से 6 घंटे या उससे अधिक समय तक मोबाइल या लैपटॉप पर झुककर काम करने वाले लोगों में गर्दन के दर्द का खतरा सामान्य लोगों की तुलना में काफी अधिक पाया गया है। वहीं World Health Organization (WHO) का अनुमान है कि दुनिया भर में लगभग 1.7 अरब लोग किसी न किसी रूप में मस्कुलोस्केलेटल (Musculoskeletal) यानी हड्डी, जोड़ और मांसपेशियों से जुड़ी समस्याओं से प्रभावित हैं, जिनमें खराब पोश्चर भी एक महत्वपूर्ण कारण बनता जा रहा है।

90 डिग्री नहीं, 60 डिग्री झुकाना भी खतरनाक

अमेरिकी स्पाइन विशेषज्ञ डॉ. केनेथ हंसराज के प्रसिद्ध अध्ययन के अनुसार, सिर का सामान्य वजन लगभग 5 से 6 किलोग्राम होता है। लेकिन जैसे-जैसे गर्दन आगे झुकती है, रीढ़ पर पड़ने वाला दबाव कई गुना बढ़ जाता है। करीब 60 डिग्री तक गर्दन झुकाने पर यह दबाव लगभग 27 किलोग्राम के बराबर हो सकता है। यही कारण है कि लंबे समय तक मोबाइल देखने वालों में गर्दन और कंधों का दर्द तेजी से बढ़ रहा है।

युवाओं और ऑफिस कर्मचारियों में ज्यादा खतरा

फिजियोथेरेपिस्ट और ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञों का कहना है कि आईटी प्रोफेशनल, ऑनलाइन पढ़ाई करने वाले छात्र, गेमिंग करने वाले युवा और लंबे समय तक लैपटॉप पर काम करने वाले कर्मचारी इस समस्या के सबसे बड़े शिकार बन रहे हैं। शुरुआत में हल्का दर्द या अकड़न महसूस होती है, लेकिन समय रहते ध्यान नहीं देने पर सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस, डिस्क संबंधी परेशानी और लगातार सिरदर्द जैसी समस्याएं भी विकसित हो सकती हैं।

कैसे करें बचाव?

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि स्क्रीन हमेशा आंखों के बराबर रखें, हर 20–30 मिनट बाद कुछ मिनट का ब्रेक लें, गर्दन और कंधों की हल्की स्ट्रेचिंग करें तथा लगातार झुककर मोबाइल देखने से बचें। सही बैठने की मुद्रा, नियमित व्यायाम और स्क्रीन टाइम कम करना 'टेक नेक' से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका माना जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि गर्दन का दर्द लगातार बना रहे, हाथों में झनझनाहट या कमजोरी महसूस हो, तो बिना देर किए विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।