क्या किसी व्यक्ति के जन्म के समय की स्थिति उसके भविष्य के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है? हाल ही में सामने आई एक रिसर्च ने इसी सवाल को लेकर अहम संकेत दिए हैं। तुर्किए में आयोजित यूरोपियन कांग्रेस ऑन ओबेसिटी में पेश किए गए अध्ययन के मुताबिक, जन्म के समय कम वजन वाले लोगों में आगे चलकर स्ट्रोक का खतरा अधिक हो सकता है।
इस अध्ययन में 1973 से 1982 के बीच जन्मे करीब 8 लाख पुरुषों और महिलाओं के स्वास्थ्य आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। शोधकर्ताओं ने वर्ष 2022 तक उनके मेडिकल रिकॉर्ड का अध्ययन किया, जिसमें स्ट्रोक के 2,252 मामले सामने आए।
रिसर्च के दौरान पाया गया कि कम वजन के साथ जन्म लेने वाले लोगों में स्ट्रोक का जोखिम औसतन 21 प्रतिशत अधिक था। पुरुषों में यह खतरा 23 प्रतिशत और महिलाओं में 18 प्रतिशत तक बढ़ा हुआ देखा गया।
शोधकर्ताओं की मानें तो यह जोखिम व्यक्ति के मौजूदा वजन या बॉडी मास इंडेक्स (BMI) पर निर्भर नहीं पाया गया। यही वजह है कि विशेषज्ञ अब गर्भावस्था और जन्म के समय शिशु के स्वास्थ्य को भविष्य की गंभीर बीमारियों से जोड़कर देख रहे हैं।
हालांकि, विशेषज्ञ स्पष्ट करते हैं कि कम वजन के साथ जन्म लेने का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति को निश्चित रूप से स्ट्रोक होगा, लेकिन यह एक ऐसा जोखिम कारक जरूर है जिस पर ध्यान देने की जरूरत है।



