भारत में दवाओं पर QR कोड अनिवार्य, नकली दवाओं पर लगेगी रोक

भारत सरकार ने दवा सुरक्षा और पारदर्शिता को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने दवाओं की पैकेजिंग पर QR कोड अनिवार्य करने का दायरा बढ़ा दिया है। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य नकली दवाओं की पहचान को आसान बनाना और दवा आपूर्ति श्रृंखला को पूरी तरह ट्रैक करने योग्य बनाना है।

सरकार का नया नियम क्या है

स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा ड्रग्स रूल्स 1945 में संशोधन के तहत कुछ महत्वपूर्ण दवाओं पर QR कोड लगाना अनिवार्य किया गया है। यह नियम विशेष रूप से उन दवाओं पर लागू होगा जो गंभीर बीमारियों और जीवन रक्षक उपचार में उपयोग होती हैं।

इसमें शामिल हैं

  1. वैक्सीन
  2. . एंटीबायोटिक और अन्य एंटीमाइक्रोबियल दवाएं
  3. कैंसर के इलाज में उपयोग होने वाली दवाएं
  4. नारकोटिक और साइकोट्रॉपिक दवाएं

    इन सभी दवाओं को अब सख्त ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम के तहत रखा जाएगा।

    QR कोड में कौन सी जानकारी होगी

    दवाओं के पैकेज पर लगे QR कोड को स्कैन करने पर उपयोगकर्ता और अधिकारी को कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ मिलेंगी।

    1. इसमें शामिल होगा
    2. दवा का नाम
    3. निर्माता कंपनी की जानकारी
    4. बैच नंबर
    5. निर्माण तिथि
    6. एक्सपायरी डेट
    7. लाइसेंस नंबर
    8. सप्लाई चेन ट्रैकिंग डाटा

    इस सिस्टम का उद्देश्य हर दवा को डिजिटल रूप से सत्यापित करना है ताकि उसकी असली पहचान तुरंत पता चल सके।

    किन कंपनियों पर लागू होगा नियम

    यह नियम उन सभी फार्मा कंपनियों पर लागू होगा जो इन निर्धारित श्रेणियों की दवाओं का निर्माण करती हैं। पहले यह व्यवस्था सीमित स्तर पर लागू थी, लेकिन अब इसे पूरे देश में विस्तारित किया जा रहा है ताकि दवा बाजार में पारदर्शिता बढ़ सके।

    नियम कब से लागू होगा

    सरकारी जानकारी के अनुसार यह नियम चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
    कुछ दवाओं जैसे वैक्सीन और कैंसर की दवाओं पर यह व्यवस्था अगले वर्ष से लागू होगी।
    एंटीबायोटिक दवाओं पर इसे 2028 तक पूरी तरह लागू करने का लक्ष्य रखा गया है।

    सरकार का उद्देश्य

    सरकार का मुख्य उद्देश्य नकली और घटिया गुणवत्ता वाली दवाओं पर रोक लगाना है। इसके साथ ही मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और दवा वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाना है। QR कोड सिस्टम से दवाओं की निगरानी आसान होगी और किसी भी स्तर पर गड़बड़ी को तुरंत पकड़ा जा सकेगा।

    निष्कर्ष

    दवाओं पर QR कोड अनिवार्य करना भारत के फार्मा सेक्टर में एक महत्वपूर्ण सुधार माना जा रहा है। यह कदम न केवल नकली दवाओं के खतरे को कम करेगा बल्कि मरीजों को भी अपनी दवा की पूरी जानकारी उपलब्ध कराएगा। आने वाले समय में यह व्यवस्था स्वास्थ्य क्षेत्र को अधिक सुरक्षित और आधुनिक बनाने में अहम भूमिका निभा सकती है।