भारत में AI आधारित बीमारी निगरानी क्या है?
भारत सरकार अब संक्रामक बीमारियों (जैसे कोविड, डेंगू, इन्फ्लूएंजा) की निगरानी के लिए डिजिटल सिस्टम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग बढ़ा रही है।
इसका उद्देश्य है कि किसी भी बीमारी के फैलने (outbreak) को शुरुआती स्तर पर ही पकड़ लिया जाए।
यह सिस्टम कब शुरू हुआ?
यह प्रक्रिया अचानक नहीं शुरू हुई, बल्कि धीरे-धीरे विकसित हुई:
1.2020 (कोविड-19 महामारी के दौरान) डिजिटल ट्रैकिंग और डेटा सिस्टम का बड़े स्तर पर उपयोग शुरू हुआ
2. 2021–2023 के बीच डिजिटल हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया गया
3. 2024 के बाद AI आधारित predictive analysis और real-time disease monitoring पर काम तेज हुआ
4. 2025–2026 में इसे और राज्यों में लागू करने पर फोकस बढ़ा
इसे किसने शुरू किया?
यह सिस्टम भारत सरकार के इन विभागों और संस्थानों के जरिए विकसित किया जा रहा है:
Ministry of Health and Family Welfare
Indian Council of Medical Research (ICMR)
National Centre for Disease Control (NCDC)
National Digital Health Mission (NDHM)
इसके साथ राज्य सरकारों के हेल्थ डिपार्टमेंट भी इसमें जुड़े हुए हैं।
यह सिस्टम कैसे काम करता है?
AI और डेटा सिस्टम कई स्रोतों से जानकारी इकट्ठा करता है:
1. अस्पतालों से मरीजों का डेटा
2. लैब रिपोर्ट और टेस्ट रिजल्ट
3. दवा बिक्री और प्रिस्क्रिप्शन पैटर्न
4. मौसम और पर्यावरण डेटा
5. सोशल मीडिया और बीमारी के लक्षणों की रिपोर्टिंग
इसके बाद AI इस डेटा का विश्लेषण करता है और यह अनुमान लगाता है कि किसी क्षेत्र में बीमारी फैलने का खतरा कितना है।
इस सिस्टम को बनाने के पीछे सरकार के प्रमुख उद्देश्य हैं:
1. किसी भी महामारी या outbreak को जल्दी पहचानना
2. अस्पतालों पर दबाव कम करना
3. समय रहते दवा और मेडिकल संसाधन भेजना
4. ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में निगरानी मजबूत करना
5. भविष्य में महामारी जैसी स्थिति को रोकना या नियंत्रित करना
कोविड से इसका क्या संबंध है?
कोविड महामारी ने यह साफ कर दिया था कि बीमारी फैलने की जानकारी देर से मिलने पर स्थिति गंभीर हो जाती है।
इसी कारण सरकार ने बाद में डिजिटल हेल्थ सिस्टम को तेज किया ताकि:
1. संक्रमण की शुरुआती पहचान हो सके
2. मरीजों का डेटा real-time में मिल सके
3. और तुरंत कार्रवाई की जा सके
निष्कर्ष
भारत में AI आधारित बीमारी निगरानी एक नया नहीं बल्कि विकसित हो रहा सिस्टम है, जिसकी शुरुआत कोविड के समय तेज हुई थी।
अब इसे और मजबूत करके पूरे देश में लागू किया जा रहा है ताकि किसी भी महामारी या गंभीर बीमारी को शुरुआती चरण में ही रोका जा सके।




