जमशेदपुर, 13 अगस्त। बागबेड़ा थाना क्षेत्र के कॉलोनी रोड नंबर-3 में प्रेम प्रसंग को लेकर हुए विवाद में गंभीर रूप से घायल 28 वर्षीय आशीष कुमार की पटना के रूबन मेमोरियल अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। 29 जुलाई को गंभीर हालत में मकान से बरामद किए गए आशीष को स्थानीय पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया था। हालत नाजुक होने के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया गया था। मामले में युवती के पिता को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है।
29 जुलाई को गंभीर हालत में मिला था युवक
जानकारी के अनुसार, 29 जुलाई की सुबह बागबेड़ा के कॉलोनी रोड नंबर-3 स्थित एक मकान से शोर-शराबे की आवाज सुनाई देने के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी थी। मौके पर पहुंची बागबेड़ा पुलिस को आशीष घर के अंदर गंभीर रूप से घायल और अचेत अवस्था में मिला। पुलिस ने तत्काल उसे इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए पटना भेजा गया।
इलाज के दौरान बिगड़ी हालत, फिर हुई मौत
पटना के रूबन मेमोरियल अस्पताल में इलाज के दौरान आशीष की स्थिति गंभीर बनी रही। अस्पताल के चिकित्सा प्रमाणपत्र में कई गंभीर चोटों और उनसे उत्पन्न जटिलताओं का उल्लेख किया गया है। दस्तावेजों के अनुसार, आशीष के पेल्विक क्षेत्र की हड्डियों में फ्रैक्चर, फेफड़ों से संबंधित समस्या, संक्रमण, गुर्दे की कार्यक्षमता प्रभावित होने और प्लेटलेट्स कम होने जैसी चिकित्सकीय स्थितियां सामने आई थीं। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत की परिस्थितियों की जांच पुलिस कर रही है।
डेढ़ साल से प्रेम संबंध की बात
प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि आशीष का बागबेड़ा निवासी एक युवती से करीब डेढ़ वर्ष से प्रेम संबंध था। घटना से पहले दोनों के बीच विवाद होने की बात भी सामने आई है। कुछ आरोपों में रुपये, स्कूटी और अन्य सामान को लेकर विवाद का उल्लेख किया गया है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
परिजनों ने डिजिटल साक्ष्यों की जांच की मांग की
आशीष की मौत के बाद उसके परिजनों ने मामले की निष्पक्ष और वैज्ञानिक तरीके से जांच कराने की मांग की है। परिजनों ने मोबाइल फोन में मौजूद बातचीत, कॉल डिटेल, बैंक लेन-देन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि इन साक्ष्यों से घटना की पूरी कड़ी और इसमें शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकती है।
पोस्टमार्टम और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच
पुलिस के अनुसार, मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, अस्पताल के चिकित्सकीय दस्तावेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और डिजिटल साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाया जाएगा। इन सभी तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




