जमशेदपुर, 27 अगस्त। मानगो थाना क्षेत्र के संकोसाईं रोड नंबर-5 निवासी सुलेखा गोप ने एक निजी बैंक और उसके रिकवरी एजेंटों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि रोजगार के लिए उन्होंने बैंक से 55 हजार रुपये का लोन लिया था, जिसे दो वर्षों में किस्तों के माध्यम से चुकाना था। इस दौरान एक किस्त बाउंस होने के बाद रिकवरी एजेंट उनके घर पहुंचे और उन्हें कथित तौर पर बैंक ले गए।

55 हजार रुपये का लिया था लोन

सुलेखा गोप के अनुसार, उन्होंने रोजगार के उद्देश्य से निजी बैंक से 55 हजार रुपये का लोन लिया था। समझौते के अनुसार यह राशि दो वर्षों में किस्तों के माध्यम से जमा की जानी थी। महिला का कहना है कि आर्थिक कारणों से उनकी एक किस्त बाउंस हो गई।

उन्होंने आरोप लगाया कि गुरुवार को बैंक के रिकवरी एजेंट उनके घर पहुंचे और बकाया राशि को लेकर उनसे बातचीत की। इसके बाद उन्हें कथित तौर पर बैंक लेकर जाया गया।

कई घंटों तक बैंक में रोकने का आरोप

महिला ने आरोप लगाया कि बैंक पहुंचने के बाद उन्हें कई घंटों तक वहीं रोककर रखा गया। उनका कहना है कि बैंक कर्मियों और रिकवरी एजेंटों ने बकाया राशि जमा करने के लिए उन पर दबाव बनाया और उन्हें तुरंत घर लौटने की अनुमति नहीं दी।

घटना की जानकारी मिलने पर महिला के परिजनों ने युवा नेता शुभम राज से संपर्क किया और मामले की जानकारी दी।

सूचना मिलते ही बैंक पहुंचे शुभम राज

जानकारी मिलने के बाद शुभम राज बैंक पहुंचे और महिला से बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने महिला को बैंक परिसर से बाहर निकलवाया। बाद में महिला को सुरक्षित उनके घर पहुंचा दिया गया।

शुभम राज ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि किसी भी बैंक या रिकवरी एजेंट को कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले की जांच कराने और आरोप सही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

बैंक प्रबंधन की ओर से नहीं आया आधिकारिक जवाब

मामले को लेकर बैंक प्रबंधन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। बैंक अधिकारियों ने इस संबंध में टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

फिलहाल घटना को लेकर क्षेत्र में चर्चा है और रिकवरी एजेंटों की कार्यशैली को लेकर सवाल उठ रहे हैं। महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।