रामगढ़, 24 अगस्त। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पैतृक गांव नेमरा में सोमवार को छात्र नेता देवेंद्र महतो के नेतृत्व में प्रस्तावित ‘भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा’ को लेकर राजनीतिक और सामाजिक तनाव की स्थिति बन गई। संथाली समाज के लोगों और ग्रामीणों ने यात्रा का विरोध करते हुए इसे गांव की सीमा में प्रवेश नहीं करने दिया। ग्रामीणों का कहना था कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने का अधिकार सभी को है, लेकिन मुख्यमंत्री और गांव के पारंपरिक नेतृत्व से जुड़े सम्मान के कारण उनके खिलाफ प्रदर्शन नेमरा की सीमा के भीतर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक हथियारों के साथ जुटे ग्रामीण

सुबह नेमरा के धुमकुड़िया भवन के पास मांझी हड़ाम और संथाली समाज के लोग ढोल-नगाड़ों तथा पारंपरिक हथियारों के साथ जुटे। इस दौरान गांव में बैठक कर ग्रामीणों ने अपनी स्थिति स्पष्ट की। उनका कहना था कि हेमंत सोरेन सिर्फ राज्य के मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि नेमरा के सामाजिक और पारंपरिक ढांचे में मांझी हड़ाम के रूप में भी सम्मानित हैं।

गांव से बाहर विरोध करने की बात

ग्रामीणों ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल या संगठन को लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने का पूरा अधिकार है। यात्रा रामगढ़ या गोला के किसी अन्य हिस्से में निकाली जाए, तो उन्हें आपत्ति नहीं होगी। लेकिन नेमरा गांव की सीमा के भीतर मुख्यमंत्री के विरोध में कार्यक्रम किए जाने को वे स्वीकार नहीं करेंगे।

विरोध के बीच यात्रा आगे बढ़ी

नेमरा में विरोध के बाद देवेंद्र महतो के नेतृत्व में यात्रा आगे बढ़ी। दोपहर करीब 3 बजे यात्रा बरलंगा चौक होते हुए लुकैयाटांड मैदान पहुंची। वहां मौजूद कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने यात्रा को आगे जारी रखा। इस दौरान माहौल राजनीतिक नारों और समर्थकों की गतिविधियों से सरगर्म रहा।

शिबू सोरेन की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण

लुकैयाटांड मैदान में दिशोम गुरु शिबू सोरेन की आदमकद प्रतिमा पर देवेंद्र महतो और यात्रा में शामिल अन्य लोगों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। यात्रा में शामिल कई युवा सफेद टी-शर्ट पहने हुए थे और उनके हाथों में भगवान बिरसा मुंडा, बिनोद बिहारी महतो तथा शिबू सोरेन की तस्वीरें थीं।

‘जय झारखंड’ के नारों से गूंजा मैदान

प्रतिमा पर माल्यार्पण के दौरान समर्थकों ने ‘जय झारखंड’ और महापुरुषों के सम्मान में नारे लगाए। नेमरा में हुए विरोध और इसके बाद यात्रा के दूसरे स्थान पर पहुंचने की घटना ने स्थानीय स्तर पर राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। फिलहाल यात्रा के दौरान किसी बड़े टकराव या हिंसक घटना की सूचना नहीं है।