रांची, 23 अगस्त। केंद्र सरकार के MMDR संशोधन विधेयक-2026 के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने चरणबद्ध आंदोलन की तैयारी तेज कर दी है। पार्टी ने जनजागरण अभियान से लेकर प्रखंड और जिला स्तर पर धरना-प्रदर्शन, राजभवन के सामने विरोध और जरूरत पड़ने पर आर्थिक नाकेबंदी तक का रोडमैप तैयार किया है। JMM का कहना है कि यह मुद्दा झारखंड के खनिज संसाधनों और राज्य के हितों से जुड़ा है।

31 अगस्त तक चलेगा जनजागरण अभियान

JMM के अनुसार, 31 अगस्त तक राज्यभर में जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। पार्टी के नेता और कार्यकर्ता गांव, पंचायत और प्रखंड स्तर पर लोगों के बीच जाकर MMDR संशोधन के संभावित प्रभावों की जानकारी देंगे। पार्टी पहले ही व्यापक आंदोलन की घोषणा कर चुकी है और केंद्रीय समिति की विस्तारित बैठक में आंदोलन की रणनीति पर चर्चा हुई थी।

7 सितंबर से प्रखंड मुख्यालयों पर धरना

जनजागरण अभियान के बाद 7 सितंबर को सभी प्रखंड मुख्यालयों पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित करने की तैयारी है। JMM कार्यकर्ता केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराते हुए MMDR बिल को वापस लेने की मांग करेंगे।

जिला मुख्यालय से राजभवन तक प्रदर्शन

आंदोलन के अगले चरण में जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन, बंद और मशाल जुलूस जैसे कार्यक्रमों की तैयारी की गई है। इसके बाद राजभवन के समक्ष विरोध प्रदर्शन कर झारखंड की आपत्तियों को केंद्र तक पहुंचाने की रणनीति है।

मांग नहीं मानी तो आर्थिक नाकेबंदी

JMM ने चेतावनी दी है कि यदि केंद्र सरकार बिल वापस लेने की दिशा में कदम नहीं उठाती है, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। अंतिम चरण में आर्थिक नाकेबंदी और राज्य से खनिजों की आवाजाही रोकने जैसे कदम उठाने की चेतावनी दी गई है। पार्टी पहले भी ऐसी चेतावनी दे चुकी है।

हेमंत सोरेन की बैठक में बनी रणनीति

मुख्यमंत्री और JMM कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई विस्तारित केंद्रीय समिति की बैठक में MMDR संशोधन समेत झारखंड से जुड़े कई मुद्दों पर पार्टी की आगे की रणनीति तय की गई। अब आंदोलन को राज्यभर में संगठनात्मक स्तर पर मजबूत करने की तैयारी है।