रांची | 31 जुलाई
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच लगातार तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में राज्य के पूर्व मुख्य सचिव और JPSC के पूर्व चेयरमैन एल. ख्यांगते से शुक्रवार को अपराध अनुसंधान विभाग (CID) तीसरी बार पूछताछ कर रहा है। जांच एजेंसी डिजिटल साक्ष्यों, आरोपियों के बयानों और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं के आधार पर उनसे कई महत्वपूर्ण सवाल पूछ रही है।
डेटा टेंपरिंग और OMR हेराफेरी पर फोकस
सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान डेटा टेंपरिंग, OMR शीट में कथित हेराफेरी और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड पर विशेष जोर दिया जा रहा है। CID पहले भी दो चरणों में एल. ख्यांगते से पूछताछ कर चुकी है। इस बार जांच एजेंसी तकनीकी साक्ष्यों और अन्य आरोपियों के बयानों का मिलान करते हुए विस्तृत जानकारी जुटा रही है।
पासपोर्ट जब्त, विदेश यात्राओं पर भी सवाल
जांच के दौरान CID ने एल. ख्यांगते का पासपोर्ट भी जब्त कर लिया है। अधिकारियों ने उनसे विदेश यात्राओं, विशेष रूप से अमेरिका यात्रा से जुड़े तथ्यों पर भी पूछताछ की है। जांच एजेंसी मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। हालांकि, गिरफ्तारी को लेकर CID की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
चेयरमैन का पद अब भी खाली
एल. ख्यांगते के इस्तीफे के बाद JPSC चेयरमैन का पद अभी तक रिक्त है। आयोग के तीनों सदस्य—अनिमा हांसदा, अजीता भट्टाचार्य और डॉ. जमाल अहमद—ने एक ही दिन और एक ही समय पर पदभार ग्रहण किया था। ऐसे में कार्यवाहक अध्यक्ष की वरिष्ठता तय करने को लेकर प्रशासनिक स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। इस कारण आयोग के शीर्ष नेतृत्व को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
फिलहाल, CID की जांच जारी है और एजेंसी परीक्षा अनियमितताओं से जुड़े सभी तथ्यों की गहन पड़ताल में जुटी हुई है।




