नई दिल्ली, 24 अगस्त 2026 : झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर जारी विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। सोमवार यानी 24 अगस्त 2026 को JPSC Combined Civil Services Preliminary Competitive Examination-2025 में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इश बीच शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार, झारखंड सरकार और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है। याचिका में परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों की जांच CBI या किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी से कराने की मांग की गई है। हालांकि, याचिका में फिलहाल परीक्षा रद्द करने की मांग नहीं की गई है। मगर याचिकाकर्ता ने पूरी परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग की है।

JPSC परीक्षा की पारदर्शिता पर उठे सवाल

JPSC की भर्ती परीक्षाओं को लेकर झारखंड में लंबे समय से अभ्यर्थियों का विरोध जारी है। छात्रों ने परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाए हैं। इसी बीच JPSC और JSSC की विभिन्न परीक्षाओं को लेकर आंदोलन भी तेज हुआ। राज्य सरकार ने परीक्षा विवाद के बीच JPSC की 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा समेत कुछ भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया था। इन फैसलों को लेकर अभ्यर्थियों और सरकार के बीच विवाद की स्थिति बनी हुई है।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला

JPSC विवाद में पिछले सप्ताह झारखंड हाईकोर्ट से भी अहम घटनाक्रम सामने आया था। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के 11वीं और 13वीं JPSC परीक्षा और उनसे हुई नियुक्तियों को रद्द करने के फैसले पर रोक लगा दी थी। इससे संबंधित अभ्यर्थियों को अंतरिम राहत मिली थी। अब JPSC की वर्ष 2025 की प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग सुप्रीम कोर्ट के सामने है। इससे भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई और महत्वपूर्ण हो गई है।

सुप्रीम कोर्ट के नोटिस का क्या मतलब ?

सुप्रीम कोर्ट द्वारा नोटिस जारी किए जाने का अर्थ यह नहीं है कि अदालत ने परीक्षा रद्द करने या CBI जांच का आदेश दे दिया है। फिलहाल केंद्र सरकार, झारखंड सरकार और संबंधित पक्षों से याचिका में लगाए गए आरोपों पर जवाब मांगा गया है। अब आगे की सुनवाई में अदालत यह तय करेगी कि JPSC 2025 प्रारंभिक परीक्षा में लगाए गए अनियमितता के आरोपों की स्वतंत्र जांच की आवश्यकता है या नहीं। ऐसे में झारखंड के हजारों अभ्यर्थियों की नजर सुप्रीम कोर्ट की अगली कार्रवाई पर रहेगी।JPSC-JSSC विवाद में एक ओर हाईकोर्ट के आदेश से 11वीं और 13वीं JPSC से जुड़े अभ्यर्थियों को राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर JPSC 2025 प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गई है। केंद्र और झारखंड सरकार को नोटिस जारी होने के बाद इस मामले में उनके जवाब और सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई अहम होगी।