रांची, 17 अगस्त 2026 : झारखंड में JSSC-CGL और JPSC परीक्षा से जुड़े विवाद को लेकर सियासत तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने आरोपी अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने और मामले की जांच CBI को सौंपने की भी मांग की है। बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर झारखंड सरकार पर कई गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि JSSC-CGL और JPSC से जुड़े मामलों में लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं, ऐसे में राज्य सरकार को छात्रों और आम लोगों के सवालों का स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

JSSC-CGL मामले में अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने JSSC के प्रभारी चेयरमैन आईएएस प्रशांत कुमार और सचिव सुधीर गुप्ता को तत्काल पद से हटाने की मांग की। उन्होंने दोनों अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की भी मांग उठाई। बाबूलाल मरांडी का कहना है कि यदि सरकार की नीयत साफ है तो उसे पूरे मामले में तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए और जांच को आगे बढ़ाना चाहिए।

JPSC और JSSC मामलों को लेकर सरकार से सवाल

नेता प्रतिपक्ष ने JPSC और JSSC से जुड़े मामलों की तुलना करते हुए सरकार से सवाल किया कि अलग-अलग मामलों में अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर अलग रवैया क्यों अपनाया जा रहा है। उन्होंने JPSC मामले में इस्तीफा देने वाले अधिकारी ख्यांगते और JSSC मामले में इस्तीफा देने वाले नीरज सिन्हा का जिक्र करते हुए सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए। हालांकि, बाबूलाल मरांडी की ओर से लगाए गए इन आरोपों पर संबंधित पक्ष का जवाब इस खबर के उपलब्ध स्रोत में शामिल नहीं है।

‘घूस देकर नौकरी पाने वालों पर भी हो कार्रवाई’

भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कथित तौर पर घूस देकर नौकरी पाने वाले लोगों के नाम सामने आने का भी जिक्र किया। उन्होंने मांग की कि ऐसे लोगों को तत्काल पद से हटाया जाए और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि परीक्षा और नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।

छात्रों के आंदोलन के बीच CBI जांच की मांग

JSSC-CGL और JPSC से जुड़े मुद्दों को लेकर छात्रों का आंदोलन भी जारी है। इसी बीच बाबूलाल मरांडी ने सरकार से छात्रों की मांग के अनुसार पूरे मामले की जांच CBI को सौंपने की मांग की है।उन्होंने कहा कि सरकार को आंदोलनकारी छात्रों के सवालों का जवाब देना होगा। साथ ही उन्होंने दावा किया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन को रोकना आसान नहीं होगा।

सरकार के सामने बढ़ी चुनौती

JSSC-CGL और JPSC से जुड़े विवाद ने झारखंड में भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर बहस तेज कर दी है। विपक्ष लगातार सरकार से जवाब मांग रहा है, वहीं छात्र भी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। अब नजर इस बात पर है कि राज्य सरकार बाबूलाल मरांडी की FIR और CBI जांच की मांग पर क्या कदम उठाती है।