जमशेदपुर, 18 अगस्त। पिछले दो दिनों से हो रही लगातार बारिश के बीच जमशेदपुर और आसपास के इलाकों में नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। सरायकेला-खरसावां के चांडिल डैम के नौ फाटक खोल दिए गए हैं, जबकि ओडिशा के व्यांगबील के छह फाटक भी खोले गए हैं। इसके बाद स्वर्णरेखा और खरकई नदियों में पानी का प्रवाह बढ़ गया है। स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंचने से नदी किनारे बसे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
स्वर्णरेखा और खरकई का बढ़ा जलस्तर
लगातार बारिश और डैम के फाटक खोले जाने के कारण जमशेदपुर की दोनों प्रमुख नदियों स्वर्णरेखा और खरकई में जलस्तर काफी बढ़ गया है। नदी के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
नदी किनारे जाने से बचने की अपील
जिला प्रशासन ने नदी किनारे और पानी वाले इलाकों में जाने से लोगों को मना किया है। प्रशासन की ओर से निचले क्षेत्रों के लोगों को जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। लोगों से अपील की गई है कि वे नदी के बढ़े जलस्तर को देखने या उसके करीब जाने का जोखिम न उठाएं।
चांडिल डैम का नजारा देखने पहुंच रहे लोग
चांडिल डैम के फाटक खोले जाने के बाद यहां पानी का तेज बहाव देखने के लिए स्थानीय लोगों और पर्यटकों की भीड़ भी पहुंच रही है। डैम का दृश्य लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। हालांकि, जलस्तर बढ़ने की स्थिति को देखते हुए प्रशासन की सुरक्षा चेतावनियों का पालन करना जरूरी है।
प्रशासन ने बढ़ाई सतर्कता
स्वर्णरेखा और खरकई नदियों में उफान को देखते हुए प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रख रहा है। नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षित स्थान की ओर जाने की सलाह दी गई है। फिलहाल दोनों नदियों का बढ़ा जलस्तर जमशेदपुर के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।




