रांची: भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर सरकार पर निशाना

भारतीय जनता पार्टी ने झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। भाजपा प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि कांग्रेस समर्थित हेमंत सोरेन सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने कहा कि जेपीएससी, जेएसएससी-सीजीएल, उत्पाद सिपाही और जूनियर इंजीनियर जैसी परीक्षाओं में सामने आए विवाद सरकार की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।

केंद्र के कानून का किया जिक्र, राज्य सरकार पर लगाए आरोप

बाउरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा पेपर लीक पर रोक लगाने के लिए संसद से सख्त कानून पारित कराया है। उनके अनुसार केंद्र सरकार युवाओं के हितों की रक्षा के लिए लगातार कदम उठा रही है, जबकि झारखंड में भर्ती प्रक्रिया विवादों में घिरी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतिबंधित कंपनी को दोबारा परीक्षा कराने का जिम्मा देना सरकार की मंशा पर सवाल खड़ा करता है।

जेपीएससी-जेएसएससी में पक्षपात के लगाए आरोप

प्रदेश महामंत्री ने दावा किया कि जेपीएससी और जेएसएससी जैसी संस्थाओं में पारदर्शिता की कमी है और इससे युवाओं का भरोसा टूट रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा युवा मोर्चा द्वारा 22 जुलाई को जेपीएससी घेराव के बाद सरकार ने सीआईडी जांच के आदेश दिए, कई गिरफ्तारियां हुईं और जेपीएससी अध्यक्ष ने इस्तीफा भी दिया। हालांकि, उनका आरोप है कि सरकार जांच को सही दिशा देने के बजाय मामले को भटकाने का प्रयास कर रही है।

CBI जांच और मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग

भाजपा ने सभी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की CBI जांच कराने की मांग की है। बाउरी ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी भी संभालते हैं, इसलिए उन्हें नैतिक आधार पर इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार निष्पक्ष जांच नहीं कराती है तो भाजपा युवाओं के साथ सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन तेज करेगी।

राज्यव्यापी आंदोलन का ऐलान

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य प्रसाद साहू के निर्देश पर आज राज्य के सभी मंडलों में मशाल जुलूस निकाला जाएगा, जबकि कल भाजपा युवा मोर्चा सभी जिलों में धरना प्रदर्शन करेगा। बाउरी ने कहा कि इस आंदोलन का उद्देश्य युवाओं की आवाज सरकार तक पहुंचाना और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित कराना है।