जमशेदपुर, 14 अगस्त 2026 : टाटा स्टील ने जमशेदपुर एफसी से जुड़ा बड़ा फैसला लिया है। कंपनी ने अपनी फुटबॉल टीम जमशेदपुर एफसी का संचालन करने वाली कंपनी Jamshedpur Football and Sporting Pvt. Ltd. (JFSPPL) की 100 फीसदी हिस्सेदारी Churchill Brothers Sports Club Pvt. Ltd. को ट्रांसफर करने की मंजूरी दे दी है। खास बात यह है कि यह डील महज ₹100 के सांकेतिक मूल्य पर की जा रही है। टाटा स्टील के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की कमेटी ने शुक्रवार, 14 अगस्त 2026 को हुई बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी। जरूरी मंजूरियां मिलने के बाद पूरी प्रक्रिया 31 अगस्त 2026 तक पूरी होने की उम्मीद है।
₹100 में ट्रांसफर होंगे 4.08 करोड़ शेयर
इस सौदे के तहत JFSPPL के 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 4,08,00,000 शेयर Churchill Brothers को ट्रांसफर किए जाएंगे। हिस्सेदारी ट्रांसफर होने के बाद कंपनी का नियंत्रण चर्चिल ब्रदर्स के पास चला जाएगा। यह प्रक्रिया ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) के नियमों के तहत पूरी की जा रही है। सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद चर्चिल ब्रदर्स जमशेदपुर एफसी की कमान संभाल लेगा।
खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ के कॉन्ट्रैक्ट रहेंगे जारी
डील का सबसे अहम पहलू यह है कि इससे जमशेदपुर एफसी के मौजूदा खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ के अनुबंध पर तत्काल असर नहीं पड़ेगा। सितंबर 2026 से Churchill Brothers खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ के मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट अपने जिम्मे लेगा। इस ट्रांसफर में ISL लाइसेंस, 12 खिलाड़ी और 2 कोच भी शामिल हैं। ऐसे में क्लब से जुड़े खिलाड़ियों के भविष्य को लेकर फिलहाल निरंतरता बनाए रखने की कोशिश की गई है।
Churchill Brothers के हाथों में JFC की कमान
गोवा का Churchill Brothers भारतीय फुटबॉल का जाना-पहचाना नाम है। करीब चार दशक पुराने इस क्लब ने दो बार I-League का खिताब अपने नाम किया है। टाटा स्टील के कॉरपोरेट सर्विसेज के वाइस प्रेसिडेंट डीबी सुंदर रामम के मुताबिक, चर्चिल ब्रदर्स भारतीय फुटबॉल का ऐतिहासिक क्लब है और उसके साथ यह समझौता खिलाड़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखने में मदद करेगा।
टाटा स्टील का ग्रासरूट फुटबॉल पर रहेगा फोकस
Jamshedpur FC की हिस्सेदारी ट्रांसफर करने के बावजूद टाटा स्टील ने भारतीय फुटबॉल से पूरी तरह दूरी बनाने के संकेत नहीं दिए हैं। कंपनी अब ग्रासरूट और युवा फुटबॉल प्रतिभाओं को तैयार करने पर ज्यादा ध्यान देगी। साल 1987 में शुरू हुई Tata Football Academy (TFA) ने अब तक 300 से ज्यादा कैडेट्स को प्रशिक्षण दिया है। इनमें करीब 150 खिलाड़ी भारतीय राष्ट्रीय टीम के लिए खेल चुके हैं।
JFSPPL की वित्तीय स्थिति भी अहम
वित्त वर्ष 2025-26 में JFSPPL का कारोबार करीब ₹32.23 करोड़ रहा। वहीं, 31 मार्च 2026 तक कंपनी की नेटवर्थ माइनस ₹5.8 करोड़ दर्ज की गई थी। अब जरूरी मंजूरियों के बाद कंपनी की पूरी हिस्सेदारी Churchill Brothers को ट्रांसफर की जाएगी। इस बदलाव के साथ जमशेदपुर एफसी के स्वामित्व और संचालन की जिम्मेदारी टाटा स्टील से चर्चिल ब्रदर्स के पास चली जाएगी।
Jamshedpur FC का नया अध्याय
Tata Steel और Jamshedpur FC का लंबे समय से जुड़ा रिश्ता अब एक नए चरण में प्रवेश कर रहा है। ₹100 के सांकेतिक मूल्य पर 100 फीसदी हिस्सेदारी ट्रांसफर होने के बाद क्लब की कमान Churchill Brothers के पास होगी, जबकि टाटा स्टील युवा और ग्रासरूट फुटबॉल पर अपना फोकस जारी रखेगी।




