हजारीबाग, 21 अगस्त। झारखंड की पहचान जल, जंगल, जमीन और प्राकृतिक सुंदरता से है। बरसात के मौसम में राज्य के झरने और पहाड़ी क्षेत्र खास आकर्षण बन जाते हैं। हजारीबाग जिले के ईचाक प्रखंड का सिकरी नाला झरना भी इन दिनों सैलानियों को अपनी ओर खींच रहा है। डाढ़ा पंचायत के बभनी गांव स्थित बांका मोहल्ले में मौजूद यह प्राकृतिक झरना बारिश के बाद अपने पूरे शबाब पर है।
65 से 70 फीट की ऊंचाई से गिरता है पानी
बारिश के बाद झरने में पानी का प्रवाह बढ़ गया है। करीब 65 से 70 फीट की ऊंचाई से चट्टानों के बीच गिरता पानी यहां आने वाले लोगों को आकर्षित कर रहा है। आसपास फैली हरियाली, पहाड़ी भू-दृश्य और पानी की कल-कल आवाज इस जगह की खूबसूरती को और बढ़ा देती है।
छुट्टी के दिनों में बढ़ जाती है भीड़
सिकरी झरने पर स्थानीय लोगों के साथ आसपास के क्षेत्रों से भी सैलानी पहुंच रहे हैं। छुट्टी के दिनों में यहां पिकनिक मनाने और प्राकृतिक नजारों का आनंद लेने वालों की संख्या बढ़ जाती है। कई लोग झरने के आसपास तस्वीरें लेते और प्रकृति के बीच समय बिताते नजर आते हैं।
करीब 40 किलोमीटर दूर है जिला मुख्यालय
सिकरी झरना हजारीबाग जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित बताया जाता है। हालांकि, झरने तक पहुंचने वाला रास्ता कुछ जगहों पर चुनौतीपूर्ण है। इसके बावजूद प्राकृतिक सुंदरता लोगों को यहां पहुंचने के लिए प्रेरित कर रही है।
सड़क और सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यदि झरने तक पहुंचने वाले रास्ते को बेहतर बनाया जाए और पर्यटकों के लिए सुरक्षा, बैठने की जगह, पेयजल और साफ-सफाई जैसी सुविधाएं विकसित की जाएं, तो यहां पर्यटन को बढ़ावा मिल सकता है। बरसात के दौरान झरने के पास फिसलन और तेज पानी को देखते हुए पर्यटकों के लिए सुरक्षा इंतजाम भी जरूरी हैं।
पर्यटन के साथ रोजगार की भी उम्मीद
ग्रामीणों का मानना है कि सिकरी झरने को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं। सड़क, बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार के साथ यह क्षेत्र हजारीबाग के प्रमुख प्राकृतिक पर्यटन स्थलों में अपनी अलग पहचान बना सकता है।




