बोकारो, 18 अगस्त: दुग्धा-बूढ़ीडीह क्षेत्र में फ्लाई ऐश के परिवहन और डंपिंग को लेकर ग्रामीणों की चिंता बढ़ती जा रही है। मंगलवार को बड़ी संख्या में महिलाओं और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि फ्लाई ऐश के कारण इलाके में प्रदूषण की समस्या लगातार बढ़ रही है, जिससे लोगों को धूल, सांस लेने में परेशानी और अन्य स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

फ्लाई ऐश के परिवहन से बढ़ी परेशानी

ग्रामीणों के अनुसार, वर्तमान में दुग्धा रेलवे साइडिंग और बूढ़ीडीह क्षेत्र में फ्लाई ऐश का परिवहन किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस मार्ग से राख ले जाई जा रही है, उसके आसपास पंचायत भवन, सामुदायिक भवन, प्राथमिक विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र और बच्चों के खेलने का मैदान भी मौजूद है। ऐसे में भारी वाहनों की लगातार आवाजाही और राख के उड़ने से बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और अन्य लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है।

महिलाओं ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की

ग्रामीण महिला मीना देवी ने कहा कि क्षेत्र में पहले से ही फ्लाई ऐश के कारण परेशानी बनी हुई थी, लेकिन मौजूदा परिवहन व्यवस्था से समस्या और गंभीर हो गई है। उनका कहना है कि लोगों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्रशासन को पूरे मामले की जांच करनी चाहिए।

वहीं, ग्रामीण कुंती देवी ने आरोप लगाया कि स्थानीय लोगों के विरोध के बावजूद फ्लाई ऐश से जुड़ा काम जारी रखा जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि वे विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं, लेकिन ऐसा कोई काम स्वीकार नहीं किया जाएगा, जिससे पर्यावरण और आम लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा पैदा हो।

डंपिंग और परिवहन रोकने की मांग

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से दुग्धा-बूढ़ीडीह क्षेत्र में फ्लाई ऐश की डंपिंग और परिवहन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। साथ ही उन्होंने ग्रामीणों पर किसी तरह का दबाव नहीं बनाने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को समय रहते ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि प्रदूषण की समस्या बढ़ने से पहले उसका स्थायी समाधान किया जा सके।