गिरिडीह, 15 अगस्त। जमुआ प्रखंड के धरमपुर पंचायत में प्रस्तावित डिग्री कॉलेज को दूसरी जगह स्थानांतरित किए जाने की चर्चा के बाद ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई है। इसी मुद्दे को लेकर धरमपुर पंचायत में ग्रामीणों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें धरमपुर डिग्री कॉलेज निर्माण समिति का गठन किया गया। बैठक में लोगों ने एक स्वर में कॉलेज को धरमपुर पंचायत से किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट नहीं करने की मांग की।
पाराखरो पहाड़ी में प्रस्तावित था कॉलेज
ग्रामीणों के अनुसार, धरमपुर पंचायत के पाराखरो पहाड़ी क्षेत्र में डिग्री कॉलेज के निर्माण का प्रस्ताव था। अब कॉलेज को चार्जहारा पंचायत के सिमरनताड़ में शिफ्ट किए जाने की बात सामने आई है। इसी फैसले को लेकर स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताई है।
ग्रामीणों का कहना है कि पाराखरो पहाड़ी क्षेत्र में कॉलेज के लिए बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध है। धरमपुर पंचायत के अलावा आसपास के गांवों के विद्यार्थियों के लिए भी यह स्थान अपेक्षाकृत सुविधाजनक है। उनका कहना है कि कॉलेज धरमपुर में बनने से स्थानीय छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए दूर के इलाकों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
बैठक में समिति का गठन, आंदोलन की चेतावनी
बैठक के दौरान ग्रामीणों ने कॉलेज निर्माण से जुड़े मुद्दे पर आगे की रणनीति तैयार करने के लिए निर्माण समिति का गठन किया। लोगों ने कहा कि धरमपुर पंचायत में कॉलेज का निर्माण क्षेत्र के विद्यार्थियों और ग्रामीणों के हित में है।
बैठक में जमुआ भाजपा के पूर्व प्रखंड अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह, आलम अंसारी, प्रोफेसर प्रमोद सिन्हा, महेंद्र तुरी, राम प्रसाद वर्मा, सरताज अंसारी और मुखिया लोकनाथ हाजरा समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
मांग नहीं मानी तो तेज होगा आंदोलन
ग्रामीणों ने सरकार और संबंधित अधिकारियों से कॉलेज को धरमपुर पंचायत से शिफ्ट करने के निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की। उनका कहना है कि यदि मांग पर सकारात्मक पहल नहीं हुई, तो चरणबद्ध तरीके से आंदोलन शुरू किया जाएगा। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि धरमपुर में ही डिग्री कॉलेज का निर्माण सुनिश्चित होने तक वे अपनी मांग को लेकर आवाज उठाते रहेंगे।




