नई दिल्ली | 29 जुलाई 2026

संसद के मौजूदा मानसून सत्र के बीच राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। RJD के सांसद सुधाकर सिंह ने गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें "नीचकांत दुबे" तक कह दिया। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में नई बहस शुरू हो गई है। और आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।

दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान सांसद सुधाकर सिंह ने आरोप लगाया कि निशिकांत दुबे संसद में जनता से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने और स्वतंत्रता संग्राम के नेताओं का अपमान करने वाले बयान देते हैं।

सुधाकर सिंह ने क्या कहा?

सुधाकर सिंह ने कहा कि, "वह निशिकांत दुबे नहीं, 'नीचकांत' दुबे हैं।" उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सांसद संसद में जनहित के मुद्दों को उठाने के बजाय विवादित बयानबाजी करते हैं।

RJD सांसद ने यह भी दावा किया कि उनकी पार्टी जल्द ही निशिकांत दुबे से जुड़े कुछ तथ्यों और सबूतों को सार्वजनिक करेगी। हालांकि, उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में फिलहाल कोई दस्तावेज या प्रमाण पेश नहीं किया है। अब देखना है कि आगे क्या होता है।

क्यों बढ़ा विवाद?

हाल के दिनों में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे अपने कई बयानों को लेकर लगातार सुर्खियों में रहे हैं। संसद के भीतर और बाहर उन्होंने विपक्ष के कई नेताओं पर तीखे आरोप लगाए हैं। इसी पृष्ठभूमि में सुधाकर सिंह का यह बयान सामने आया है, जिसने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है।

भाजपा की प्रतिक्रिया का इंतजार

हालांकि खबर लिखे जाने तक सांसद सुधाकर सिंह के आरोपों पर भाजपा या फिर निशिकांत दुबे की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। यदि इस मामले में भाजपा की ओर से जवाब आता है तो राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की पूरी संभावना है।

मानसून सत्र में बढ़ी सियासी तल्खी

मानसून सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। ऐसे में सुधाकर सिंह और निशिकांत दुबे के बीच शुरू हुई यह जुबानी जंग संसद के बाहर भी राजनीतिक चर्चा का विषय बन गई है। अब आने वाले दिनों में दोनों पक्षों की प्रतिक्रिया पर सभी की नजर रहेगी।