नई दिल्ली/धार | 30 जुलाई 2026

मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला-कमाल मौला परिसर विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को अहम अंतरिम आदेश जारी किया। शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि परिसर से सटी दरगाह की जमीन (खसरा नंबर 596) पर मुस्लिम समुदाय के लिए प्रत्येक शुक्रवार दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक जुमे की नमाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि संबंधित दरगाह की जमीन विवादित परिसर के निकट है और वहां तक अलग पहुंच मार्ग उपलब्ध है। ऐसे में इसे अंतरिम व्यवस्था के तहत नमाज के लिए उपयुक्त स्थान माना जा सकता है।

मुस्लिम पक्ष की याचिका पर आया आदेश

सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष ने अदालत को बताया कि प्रशासन द्वारा पहले जो वैकल्पिक स्थान निर्धारित किया गया था, वह विवादित परिसर से काफी दूर था, जिससे अदालत के पहले के अंतरिम आदेश का उद्देश्य पूरा नहीं हो रहा था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने दरगाह की सटी हुई जमीन पर नमाज की अनुमति देने का निर्देश दिया।

हाईकोर्ट के फैसले को दी गई है चुनौती

यह मामला मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के 15 मई 2026 के फैसले के खिलाफ दायर अपीलों से जुड़ा है। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में भोजशाला-कमाल मौला परिसर को देवी सरस्वती मंदिर माना था और वर्ष 2003 के उस एएसआई आदेश को निरस्त कर दिया था, जिसके तहत परिसर में शुक्रवार की नमाज की अनुमति दी गई थी।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाने से इनकार किया है, लेकिन अंतिम निर्णय आने तक अंतरिम व्यवस्था लागू रखने का निर्देश दिया है।

एएसआई को भी दिए निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को भी निर्देश दिया है कि विवादित स्मारक में अदालत की अनुमति के बिना किसी प्रकार का संरचनात्मक बदलाव नहीं किया जाए।

अंतिम फैसला अभी बाकी

अदालत ने स्पष्ट किया कि यह केवल अंतरिम व्यवस्था है। मामले की अंतिम सुनवाई और सभी पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद अंतिम फैसला सुनाया जाएगा।