अयोध्या | विशेष रिपोर्ट

राम जन्मभूमि–राम मंदिर से जुड़े श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट एक बार फिर सुर्खियों में है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद सुधाकर सिंह ने ट्रस्ट को कानूनी नोटिस भेजते हुए मंदिर निर्माण और उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन में पूर्ण पारदर्शिता की मांग की है।

ट्रस्ट से मांगा गया पूरा हिसाब-किताब

कानूनी नोटिस में सांसद ने ट्रस्ट से विस्तृत वित्तीय जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है। इसमें राम मंदिर निर्माण के लिए प्राप्त दान राशि, उसके उपयोग का पूरा विवरण, बैंक खातों का रिकॉर्ड और अब तक किए गए खर्च का ब्यौरा शामिल है। इसके साथ ही जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़े दस्तावेज और सभी लेन-देन की जानकारी भी उपलब्ध कराने की मांग की गई है।

नोटिस में विशेष रूप से वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक के लेखा-जोखा और ऑडिट रिपोर्ट को सार्वजनिक करने पर जोर दिया गया है। इसके अलावा विदेशी चंदे और उससे जुड़े नियमों (FCRA) के तहत प्राप्त फंडिंग की जानकारी देने की भी बात कही गई है।

पारदर्शिता को लेकर उठे सवाल

सांसद सुधाकर सिंह का कहना है कि राम मंदिर ट्रस्ट को देश और विदेश से बड़ी मात्रा में दान प्राप्त हुआ है, इसलिए इसका पूरा विवरण सार्वजनिक होना चाहिए। उनका तर्क है कि यह एक सार्वजनिक धार्मिक संस्था है, और इसमें पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है।

कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि तय समय सीमा के भीतर सभी आवश्यक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जाती है, तो आगे कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि सांसद ने इसे किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं जोड़ा है और इसे पूरी तरह जनहित से जुड़ा मामला बताया है।

राजनीतिक माहौल में हलचल

इस कानूनी नोटिस के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। मामले को लेकर विभिन्न स्तरों पर प्रतिक्रियाओं की संभावना जताई जा रही है, जबकि ट्रस्ट की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।