राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग
17.06.2026

राजस्व महा-अभियान के आवेदनों को मिल रही गति, 21 जून तक बढ़ी विशेष मुहिम, सभी 46 लाख आवेदनों की स्कैनिंग और अपलोडिंग पूरी करने का लक्ष्य

पटना: अभियान की अवधि बढ़ाई गई

पटना: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के राजस्व महा-अभियान के तहत प्राप्त 46 लाख से अधिक लंबित आवेदनों के निष्पादन के लिए चलाया जा रहा विशेष अभियान अब 21 जून 2026 तक बढ़ा दिया गया है। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने निर्देश दिया है कि इस अवधि में सभी लंबित आवेदनों की शत-प्रतिशत स्कैनिंग और पोर्टल अपलोडिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि भूमि अभिलेख सुधार, उत्तराधिकार नामांतरण और बंटवारा नामांतरण के मामलों का तेजी से निष्पादन हो सके।

कुल आवेदनों का विवरण (46,25,957)

अभियान के तहत कुल 46,25,957 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनके त्वरित निष्पादन का लक्ष्य रखा गया है। इसमें भूमि से जुड़े विभिन्न विवाद, नामांतरण और अभिलेख सुधार के मामले शामिल हैं।

स्कैनिंग और अपलोडिंग में बड़ी प्रगति

विभागीय आंकड़ों के अनुसार 11 जून से 17 जून 2026 के बीच उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। अब तक कुल आवेदनों में से 95.73 प्रतिशत स्कैनिंग पूरी हो चुकी है, जबकि 60.27 प्रतिशत आवेदन पोर्टल पर अपलोड किए जा चुके हैं। यह प्रगति अभियान की शुरुआत से काफी अधिक है।

शुरुआत से तुलना (प्रगति में सुधार)

अभियान शुरू होने से पहले स्कैनिंग का स्तर 81.91 प्रतिशत और पोर्टल अपलोडिंग 26.43 प्रतिशत था। मात्र एक सप्ताह के भीतर दोनों कार्यों में तेजी से सुधार दर्ज किया गया है, जो अभियान की सफलता को दर्शाता है।

जिलों का प्रदर्शन (उत्कृष्ट कार्य)

कई जिलों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। खगड़िया में 99.92%, दरभंगा में 99.72%, पूर्णिया और वैशाली में 99.67%, रोहतास में 99.53% तथा समस्तीपुर और सुपौल में 99% से अधिक स्कैनिंग पूरी हो चुकी है।

पोर्टल अपलोडिंग में टॉप जिले

पोर्टल अपलोडिंग में शिवहर 89.92% के साथ शीर्ष पर है। इसके बाद किशनगंज 86.47%, खगड़िया 84.83%, दरभंगा 80.61%, पूर्णिया 77.82% और वैशाली 75.17% पर हैं।

जवाबदेही और निगरानी व्यवस्था

मंत्री ने स्पष्ट किया है कि सभी अधिकारियों की व्यक्तिगत जवाबदेही तय की गई है। जिन जिलों में कार्य अपेक्षित गति से कम है, वहां अतिरिक्त मानव संसाधन लगाकर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। विभागीय स्तर पर प्रतिदिन मॉनिटरिंग और समीक्षा की जा रही है।

विभागीय लक्ष्य और निर्देश

विभाग का लक्ष्य है कि 21 जून 2026 तक सभी लंबित आवेदनों की स्कैनिंग और अपलोडिंग शत-प्रतिशत पूरी हो जाए, ताकि भूमि सुधार की प्रक्रिया तेज हो और आम जनता को पारदर्शी एवं त्वरित सेवा मिल सके।