पटना | 29 जुलाई 2026
रेल यात्रियों और टिकट परीक्षकों (TTE) के बीच होने वाले विवादों को कम करने और टिकट जांच प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए दानापुर रेलवे डिवीजन ने बड़ा कदम उठाया है। रेलवे ने TTE को बॉडी-वियर कैमरे उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे टिकट जांच के दौरान होने वाली पूरी बातचीत और घटनाक्रम रिकॉर्ड किए जा सकेंगे।
निविदा प्रक्रिया शुरू, मिलेंगे बॉडी कैमरे
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, बॉडी कैमरों की खरीद के लिए टेंडर (निविदा) प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। खरीद प्रक्रिया पूरी होने के बाद कैमरों को चरणबद्ध तरीके से TTE को उपलब्ध कराया जाएगा।
टिकट जांच के दौरान कैमरे लगातार रिकॉर्डिंग करेंगे, जिससे किसी भी विवाद या शिकायत की स्थिति में अधिकारियों के पास वीडियो साक्ष्य उपलब्ध रहेंगे।
यात्रियों और TTE के विवाद की होगी निष्पक्ष जांच
रेलवे का कहना है कि टिकट जांच के दौरान अक्सर जुर्माना, सीट आवंटन, टिकट की वैधता और अन्य नियमों को लेकर यात्रियों और TTE के बीच विवाद हो जाते हैं। कई मामलों में दोनों पक्ष अलग-अलग दावे करते हैं।
ऐसी स्थिति में बॉडी कैमरे की रिकॉर्डिंग घटना की सच्चाई सामने लाने और निष्पक्ष जांच करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
कैमरों से क्या होगा फायदा?
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक इस नई व्यवस्था से कई लाभ मिलने की उम्मीद है।
- टिकट जांच प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी।
- यात्रियों और TTE के बीच अनावश्यक बहस कम होगी।
- शिकायतों की जांच वीडियो साक्ष्यों के आधार पर होगी।
- ड्यूटी के दौरान निर्धारित नियमों के पालन को बढ़ावा मिलेगा।
- गलत आरोपों और विवादों में कमी आने की संभावना है।
शिकायत मिलने पर होगी रिकॉर्डिंग की समीक्षा
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी यात्री द्वारा TTE पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया जाता है या TTE किसी यात्री के अनुचित व्यवहार की शिकायत करता है, तो संबंधित कैमरे की रिकॉर्डिंग की समीक्षा कर घटना का सत्यापन किया जाएगा।
रेलवे अधिकारी ने क्या कहा ?
वरिष्ठ मंडल वाणिज्यिक प्रबंधक अभिनव सिद्धार्थ ने बताया कि बॉडी-वियर कैमरे खरीदने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। उपकरण उपलब्ध होने के बाद इन्हें चरणबद्ध तरीके से TTE को दिया जाएगा। उनका कहना है कि इस पहल का उद्देश्य टिकट जांच व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाना और विवादों के निष्पक्ष समाधान में मदद करना है।
मुख्य बातें
- दानापुर रेलवे डिवीजन TTE को बॉडी-वियर कैमरे देगा।
- टिकट जांच के दौरान यात्रियों से होने वाली बातचीत रिकॉर्ड होगी।
- शिकायत या विवाद की स्थिति में वीडियो फुटेज की जांच की जाएगी।
- रेलवे ने कैमरों की खरीद के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है।
- पहल का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और विवाद कम करना है।




