कामचटका/टोक्यो, 16 अक्टूबर 2026। रूस के कामचटका प्रायद्वीप में शुक्रवार दोपहर 3:30 बजे 7 तीव्रता का भूकंप आया। हालांकि इसमें किसी के भी हताहत होने की खबर नहीं है। मगर इसके कुछ देर बाद जापान की मौसम एजेंसी ने गलती से 9.9 तीव्रता के भूकंप की अचानक चेतावनी जारी कर दी। इससे देशभर में अफरा-तफरी मच गई। बाद में एजेंसी ने करीब 12 मिनट बाद अलर्ट वापस ले लिया। जापान की मौसम एजेंसी ने इस गलती के लिए माफी मांग ली है। यूरोपियन-मेडिटेरेनियन सीस्मोलॉजिकल सेंटर (EMSC) के मुताबिक रूस में आया भूकंप 152 किलोमीटर की गहराई पर दर्ज किया गया है। शुरुआती जानकारी में किसी के हताहत होने की खबर नहीं थी। हालांकि, जापान में जारी गलत अलर्ट ने लोगों के बीच चिंता बढ़ा दी है।

जापान में 9.9 तीव्रता का अलर्ट क्यों जारी हुआ ?

जापान की मौसम एजेंसी (JMA) भूकंपीय सेंसर से मिलने वाले शुरुआती आंकड़ों के आधार पर भूकंप की संभावित तीव्रता और उसके प्रभाव का अनुमान लगाती है। इस प्रणाली का मकसद तेज झटके आने से पहले लोगों को चेतावनी देना है। इस मामले में भूकंप की तीव्रता का जरूरत से ज्यादा अनुमान लगाए जाने के कारण गलत अलर्ट जारी हुआ। एजेंसी ने गलती के लिए माफी मांगी और मामले की जांच शुरू की। हालांकि, उपलब्ध जानकारी से यह स्पष्ट नहीं है कि इस चूक के पीछे सेंसर, सॉफ्टवेयर या कोई दूसरी तकनीकी समस्या थी। 9.9 तीव्रता का भूकंप अब तक दर्ज नहीं किया गया है। दुनिया का सबसे शक्तिशाली दर्ज भूकंप 1960 में चिली में आया था, जिसकी तीव्रता 9.5 मापी गई थी।

कामचटका में बार-बार क्यों आते हैं भूकंप ?

रूस का कामचटका प्रायद्वीप प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में स्थित है। यह इलाका टेक्टोनिक प्लेटों की सक्रिय हलचल के कारण भूकंप और ज्वालामुखी गतिविधियों के लिए जाना जाता है। यहां प्रशांत प्लेट दूसरी भूगर्भीय प्लेटों के नीचे खिसकती है। इस प्रक्रिया को सबडक्शन कहा जाता है। प्लेटों के बीच दबाव जमा होने और अचानक मुक्त होने से भूकंप आते हैं। इसी भूगर्भीय गतिविधि के कारण इस क्षेत्र में कई सक्रिय ज्वालामुखी भी मौजूद हैं। समुद्र के नीचे शक्तिशाली भूकंप आने पर सुनामी का खतरा पैदा हो सकता है। हालांकि, सुनामी की आशंका भूकंप की तीव्रता के अलावा उसकी गहराई, स्थान और समुद्र तल पर पड़ने वाले प्रभाव पर भी निर्भर करती है।

2025 में कामचटका में आया था 8.8 तीव्रता का भूकंप

30 जुलाई 2025 को कामचटका क्षेत्र में 8.8 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था। इसके बाद प्रशांत महासागर के कई हिस्सों में सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी। इस घटना ने एक बार फिर क्षेत्र की भूकंपीय संवेदनशीलता को उजागर किया था। कामचटका में लगातार होने वाली भूगर्भीय गतिविधियां इस क्षेत्र को भूकंप के लिहाज से संवेदनशील बनाती हैं। शुक्रवार की घटना ने यह भी दिखाया कि आपदा चेतावनी प्रणाली में सटीक आंकड़ों और समय पर सही सूचना का कितना महत्व है।