पटना, 16 अक्टूबर 2026 : बिहार के शिक्षा विभाग से जुड़ी एक खबर सामने आई है। शिक्षा विभाग ने लगभग 2352 योजनाओं को दिवाली तक पूरा करने की योजना बनाई है। इसके साथ ही किसी भी तरह की लापरवाही होने पर सख्त कार्रवाई का आदेश भी दिया गया है। कुल मिलाकर शिक्षा से जुड़ी लंबित योजनाओं को पूरा करने के लिए विभाग ने सख्त रुख अपना लिया है। बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अभिषेक पलासिया ने संबंधित अधिकारियों और संवेदकों को सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि काम में किसी भी तरह की लापरवाही किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

2352 लंबित योजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य

वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 की कुल 2352 लंबित योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वहीं, वित्तीय वर्ष 2025-26 में समग्र शिक्षा अभियान और पीएम श्री योजना के तहत चयनित 3339 योजनाओं पर अब तक काम शुरू नहीं हुआ है। इन योजनाओं का कार्य 26 अक्टूबर 2026 तक शुरू करने का निर्देश दिया गया है।

बिहार में करीब 2000 करोड़ की योजनाएं

इस बैठक में बताया गया कि समग्र शिक्षा अभियान और पीएम श्री योजना के अंतर्गत बिहार में करीब 2000 करोड़ रुपये की योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना को मजबूत करना और स्कूलों से संबंधित विकास कार्यों को आगे बढ़ाना है। प्रबंध निदेशक ने अधिकारियों को आवंटित कार्य जल्द शुरू करने और पहले से चल रही योजनाओं को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया है।

553.24 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना

योजनाओं की प्रगति और वित्तीय खर्च की समीक्षा के दौरान शेष राशि के उपयोग का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया। उपलब्ध विवरण के अनुसार, कुल 553.24 करोड़ रुपये खर्च कर 5726 योजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत अक्टूबर 2026 तक 150.10 करोड़ रुपये, नवंबर और दिसंबर में 283.49 करोड़ रुपये तथा मार्च 2027 तक 118.49 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है।

लापरवाही करने वाले संवेदकों पर होगी कार्रवाई

प्रबंध निदेशक ने स्पष्ट किया कि तय समय-सीमा में काम पूरा नहीं करने वाले संवेदकों के खिलाफ एकरारनामा की शर्तों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने और लंबित कार्यों में तेजी लाने को कहा गया है। अब विभाग के सामने निर्धारित समय पर योजनाओं को पूरा करने की चुनौती है। इन योजनाओं की प्रगति पर आने वाले दिनों में नजर रहेगी।