नई दिल्ली/इस्लामाबाद, 18 अगस्त 2026 : पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र के अहम निशस्त्रीकरण सम्मेलन (Conference on Disarmament) की 2026 सत्र की अंतिम अध्यक्षता संभाल ली है। यह वही बहुपक्षीय मंच है, जहां परमाणु हथियारों की होड़ रोकने, परमाणु युद्ध के खतरे को कम करने और बाहरी अंतरिक्ष के हथियारीकरण पर रोक जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होती है। हालांकि पाकिस्तान को यह जिम्मेदारी ऐसे समय मिली है, जब उसके नेताओं की परमाणु हथियारों को लेकर बयानबाजी पर लगातार सवाल उठते रहे हैं।
पाकिस्तान ने संभाली सम्मेलन की अध्यक्षता
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के मुताबिक, पाकिस्तान ने सोमवार को सम्मेलन की अध्यक्षता संभाली। मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान 2026 सत्र की अंतिम अध्यक्षता कर रहा है और इस दौरान वह साल की कार्यवाही को पूरा करेगा। पाकिस्तान की अध्यक्षता में सम्मेलन की वार्षिक रिपोर्ट और संयुक्त राष्ट्र महासभा की पहली समिति में उससे जुड़े प्रस्तावों पर बातचीत को आगे बढ़ाया जाएगा।
क्या है संयुक्त राष्ट्र का निशस्त्रीकरण सम्मेलन ?
Conference on Disarmament (CD) संयुक्त राष्ट्र से जुड़ा एक प्रमुख बहुपक्षीय मंच है, जहां निशस्त्रीकरण और हथियार नियंत्रण से संबंधित अंतरराष्ट्रीय समझौतों पर बातचीत होती है। जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र कार्यालय में होने वाले इस सम्मेलन में 65 सदस्य देश शामिल हैं। इनमें परमाणु हथियार रखने वाले देश भी शामिल हैं। इस सम्मेलन के एजेंडे में परमाणु हथियारों की होड़ को रोकना, परमाणु युद्ध की आशंका को कम करना और बाहरी अंतरिक्ष के सैन्यीकरण को रोकना जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं।
परमाणु बयानबाजी के बीच पाकिस्तान की अध्यक्षता पर सवाल
पाकिस्तान को इस सम्मेलन की अध्यक्षता ऐसे समय मिली है, जब उसके नेताओं और सैन्य अधिकारियों की ओर से परमाणु हथियारों को लेकर दिए गए बयानों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा होती रही है। यही वजह है कि परमाणु युद्ध रोकने और निशस्त्रीकरण को बढ़ावा देने वाले मंच की कमान पाकिस्तान को मिलने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, सम्मेलन की अध्यक्षता सदस्य देशों के बीच तय प्रक्रिया के तहत होती है और अध्यक्ष की भूमिका मुख्य रूप से बैठक की कार्यवाही को संचालित करने की होती है।
पाकिस्तान ने बताई अपनी भूमिका
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने कहा कि उसकी अध्यक्षता के दौरान सम्मेलन की 2026 की वार्षिक रिपोर्ट और संयुक्त राष्ट्र महासभा की पहली समिति से जुड़े प्रस्तावों पर बातचीत को आगे बढ़ाया जाएगा। पाकिस्तान के हथियार नियंत्रण और निशस्त्रीकरण मामलों के अतिरिक्त सचिव तथा विदेश कार्यालय के प्रवक्ता राजदूत ताहिर हुसैन अंद्राबी सम्मेलन की बैठकों की अध्यक्षता कर रहे हैं।
कई अहम अंतरराष्ट्रीय समझौतों पर हो चुकी है चर्चा
निशस्त्रीकरण सम्मेलन और इससे पहले काम करने वाले मंचों के जरिए अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण समझौतों पर बातचीत हुई है। इनमें जैविक हथियार सम्मेलन, रासायनिक हथियार सम्मेलन और परमाणु-परीक्षण-निषेध संधि जैसे समझौते शामिल हैं। ऐसे में पाकिस्तान की मौजूदा अध्यक्षता को लेकर यह बहस भी तेज हो गई है कि परमाणु हथियारों से जुड़े संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय मंच पर उसकी भूमिका कितनी प्रभावी रहती है और वह निशस्त्रीकरण के मुद्दे पर किस तरह की पहल करता है।




