पेरिस, 24 अक्टूबर 2026 : फ्रांस में शिक्षा व्यवस्था में सुधार, कर्मचारियों की मांगों और महंगाई को लेकर जारी विरोध व प्रदर्शनों के बीच सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक संभावित हिंसा और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान से बचाने के लिए देशभर में करीब 70,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। सुरक्षा इंतजामों में हेलीकॉप्टर, बख्तरबंद वाहन, पुलिस डॉग और वाटर कैनन भी शामिल हैं। फ्रांस सरकार की यह तैयारी पिछले प्रदर्शनों के दौरान हुई कथित लूटपाट, आगजनी और सार्वजनिक इमारतों पर हमलों की घटनाओं के बाद की गई है। अधिकारियों का जोर प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और हिंसक घटनाओं को रोकने पर है।
हेलीकॉप्टर और वाटर कैनन से निगरानी
फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया है कि सुरक्षा अभियान में 70,000 पुलिसकर्मियों को लगाया गया है। इसके अलावा जरूरत के मुताबिक विशेष पुलिस इकाइयों, हेलीकॉप्टरों, बख्तरबंद वाहनों और वाटर कैनन की मदद भी ली जा रही है। पेरिस में गश्त करने वाले फ्रांसीसी सेना के जवानों की संख्या बढ़ाने की भी जानकारी दी गई है। फ्रांस की सरकार ने हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का रुख अपनाया है।
ऑरलियन्स में दक्षिणपंथ के खिलाफ प्रदर्शन
रिपोर्ट के मुताबिक, पेरिस के दक्षिण में स्थित ऑरलियन्स शहर में भी बड़ी संख्या में लोग प्रदर्शन में शामिल हुए। यह विरोध दक्षिणपंथी राजनीति के खिलाफ था। इसी दौरान मरीन ले पेन की पार्टी नेशनल रैली का दो दिवसीय सम्मेलन आयोजित किया जा रहा था। ऐसे में शहर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई। हालांकि, किसी भी प्रदर्शन में शामिल लोगों की संख्या और हिंसा की घटनाओं के बारे में अंतिम आंकड़ों की पुष्टि आधिकारिक जानकारी से की जानी चाहिए।
स्कूलों की समस्याओं से शुरू हुआ आंदोलन
रिपोर्ट के अनुसार, फ्रांस में विरोध-प्रदर्शनों की एक प्रमुख वजह स्कूलों में कर्मचारियों की कमी और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग है। बेहतर सुविधाओं और स्कूलों के लिए अधिक बजट की मांग कर रहे छात्रों के साथ वेतन और पेंशन को लेकर नाराज कर्मचारी भी आंदोलन से जुड़ गए। इस तरह शिक्षा, रोजगार और महंगाई से संबंधित मुद्दे व्यापक विरोध का हिस्सा बन गए। प्रदर्शनकारियों के बीच छात्र संगठनों और ट्रेड यूनियनों का समर्थन भी बताया गया है।
पेरिस में प्रदर्शन का आह्वान
रिपोर्ट में छात्र संगठन UNEF और ट्रेड यूनियन CGT की ओर से प्रदर्शनों को समर्थन दिए जाने का उल्लेख है। पेरिस में भी बड़े प्रदर्शन का आह्वान किया गया था। प्रशासन ने भीड़ और हिंसा को देखते हुए सुरक्षा तैयारियां बढ़ाईं। फ्रांस में ये विरोध राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के कार्यकाल के अंतिम महीनों में सरकार के लिए चुनौती के रूप में सामने आने की बात रिपोर्ट में कही गई है। फिलहाल सरकार के सामने प्रदर्शनकारियों की मांगों और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के बीच संतुलन बनाने की चुनौती है।




